उत्तराखंड का टिहरी डैम और जल क्रीड़ा।
डॉ. भारत पाण्डे
सरदार भगत सिंह राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय रुद्रपुर उत्तराखण्ड।
रुद्रपुर। उत्तराखंड, जिसे देवभूमि के नाम से जाना जाता है, प्राकृतिक सुंदरता और साहसिक गतिविधियों का संगम है। इस राज्य में स्थित टिहरी डैम एक अद्वितीय इंजीनियरिंग चमत्कार है, जो न केवल बिजली उत्पादन और सिंचाई के लिए महत्वपूर्ण है, बल्कि साहसिक जल क्रीड़ा के लिए भी प्रमुख केंद्र बन गया है। टिहरी डैम, जिसे 2006 में पूरा किया गया था, भारत का सबसे ऊँचा और विश्व का पाँचवा सबसे ऊँचा बांध है। यह भागीरथी नदी पर स्थित है, और गंगा नदी की प्रमुख सहायक नदियों में से एक है। इस बांध की ऊँचाई 260.5 मीटर है, और इसकी जलाशय क्षमता लगभग 4.0 घन किलोमीटर है।
टिहरी डैम का निर्माण कई चुनौतियों के साथ हुआ था, जिसमें पर्यावरणीय और सामाजिक मुद्दों का सामना करना पड़ा। हालांकि, इस बांध ने अपनी स्थापना के बाद उत्तराखंड और पड़ोसी राज्यों में बिजली की आपूर्ति में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। यह बांध 1,000 मेगावाट की बिजली उत्पादन क्षमता रखता है और इसके द्वारा पानी की आपूर्ति से कृषि को भी बहुत लाभ होता है।
टिहरी डैम का जलाशय, जो विशाल टिहरी झील के नाम से जाना जाता है, एक प्रमुख पर्यटन स्थल बन गया है। यहाँ पर विभिन्न प्रकार की जल क्रीड़ा गतिविधियाँ आयोजित की जाती हैं, जो साहसिक प्रेमियों और पर्यटकों को अपनी ओर आकर्षित करती हैं।

1- जेट स्कीइंग : टिहरी झील की शांत और विस्तृत सतह जेट स्कीइंग के लिए आदर्श है। यहाँ आने वाले पर्यटक उच्च गति पर पानी के ऊपर दौड़ने का रोमांच अनुभव कर सकते हैं।
2- कयाकिंग और कैनोइंग : झील की जलधारा में कयाकिंग और कैनोइंग करना एक शांतिपूर्ण और साहसिक अनुभव है। यह गतिविधियाँ विशेष रुप से उन लोगों के लिए हैं, जो प्राकृतिक सुंदरता का आनंद लेते हुए शारीरिक चुनौती का सामना करना पसंद करते हैं।
3- पैडल बोर्डिंग : यह एक नयी और रोमांचक गतिविधि है, जहाँ आपको एक बड़े बोर्ड पर खड़े होकर पैडल का उपयोग करके झील के पानी में घूमने का अवसर मिलता है। अपनी संतुलन क्षमता को सुधारने और पानी के साथ खेल का मजा लेने का यह एक बेहतरीन तरीका है।
4- बोटिंग : टिहरी झील में बोटिंग एक आरामदायक और आनंददायक अनुभव प्रदान करता है। यहाँ आने वाले पर्यटक पारंपरिक नाव या मोटर बोट की सवारी करते हुए झील के सुंदर दृश्यों का आनंद ले सकते हैं।
5- राफ्टिंग : टिहरी डैम का पानी, जो गंगा नदी में बहता है, राफ्टिंग के लिए भी आदर्श है। यहाँ की नदी की धाराएं विभिन्न कठिनाई स्तरों की राफ्टिंग गतिविधियों के लिए उपयुक्त हैं।
टिहरी डैम और इसकी झील के चारों ओर जल क्रीड़ा की गतिविधियाँ उत्तराखंड के पर्यटन उद्योग को एक नया आयाम दे रही हैं। यहाँ आने वाले पर्यटक न केवल जल क्रीड़ा का आनंद लेते हैं बल्कि क्षेत्र की सांस्कृतिक और प्राकृतिक विरासत का भी अनुभव करते हैं।

सरकार और स्थानीय प्रशासन ने भी इस क्षेत्र के विकास के लिए कई कदम उठाए हैं। यहाँ की बुनियादी सुविधाओं में सुधार, होटलों और रिसॉर्ट्स की स्थापना और साहसिक गतिविधियों के लिए सुरक्षित वातावरण का निर्माण किया गया है। टिहरी डैम और टिहरी झील न केवल उत्तराखंड की आर्थिक और जल संसाधन आवश्यकताओं को पूरा करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं, बल्कि वे साहसिक खेल प्रेमियों और प्रकृति प्रेमियों के लिए भी एक आकर्षक गंतव्य हैं। यहाँ की जल क्रीड़ा गतिविधियाँ और प्राकृतिक सुंदरता हर साल हजारों पर्यटकों को आकर्षित करती हैं, जिससे क्षेत्र का समग्र विकास हो रहा है। टिहरी डैम और इसके आसपास का क्षेत्र वास्तव में उन लोगों के लिए स्वर्ग है जो प्रकृति, साहसिक गतिविधियों और आरामदायक वातावरण का आनंद लेना चाहते हैं।



