मैय्या शारदे ओ मैय्या, दि दे भागी यो वरदाना” कुमाऊँनी वंदना के साथ हुआ सात दिवसीय गायन, वादन कार्यशाला का शुभारंभ।
भिकियासैंण (अल्मोड़ा)। गायन, वादन कार्यशाला के सप्तम दिवस का आदर्श राजकीय प्राथमिक विद्यालय बासोट में शुभारम्भ “मैय्या शारदे वो मैय्या, दि दे भागी यो वरदाना” कुमाऊँनी वंदना के गायन, वादन के साथ किया गया। मुख्य प्रशिक्षक राजेन्द्र कुमार स.अ.रा.प्रा.वि. फणिया व सुरेश कुमार स.अ. चनुली – सरपटा द्वारा हारमोनियम व तबला वादन के साथ देशगान “वन्दे जननी भारत वर दे, शस्य स्यामल प्यारी” का अभ्यास कराया।

मुख्य प्रशिक्षक नन्दकिशोर उप्रेती, हरीश जोशी स.अ.रा.इ.का बसेड़ीश, मोहनचन्द गड़ाकोटी, जगदीश आर्या, तेजपाल सिंह नेगी द्वारा बच्चों को विविध हिंदी, कुमाऊँनी, संस्कृत वंदना, प्रार्थना व समूहगान हिन्द देश के निवासी का सामुहिक अभ्यास कराया। कार्यशाला के द्वितीय सत्र में बच्चों ने संगीत के सात स्वरों ‘सा रे गा मा पा धा नि सा’ का आरोह-अवरोह के साथ सामुहिक गायन के साथ अभ्यास किया। इसके उपरान्त अदिति कड़ाकोटी व जानवी डंगवाल ने सात दिवसीय कार्यशाला में गादन, वादन पर किये गये। अभ्यास की समीक्षा सभी के सम्मुख प्रस्तुत की गई। कार्यशाला के समापन सत्र में सभी मुख्य प्रशिक्षकों व गणमान्य लोगों नन्दकिशोर उप्रेती, राजेन्द्र कुमार, हरीश जोशी, सुरेश कुमार, गुँसाई राम, तेजपाल सिंह नेगी, जगदीश आर्या, मोहनचन्द गड़ाकोटी, रामदत्त उप्रेती जी का शॉल ओढ़ाकर सम्मान किया गया।
इस अवसर पर आँगनबाड़ी कार्यकत्री, सहायिका देवन्ती देवी, सन्तोषी देवी, गीता उप्रेती व अभिभावक दिग्पाल सिंह नेगी, के. आर. धौलाखंडी, सोनम देवी, ज्योति देवी, सुनीता देवी, भावना बेलवाल, रीना देवी, पूजा देवी, अमृता देवी, सीता देवी आदि उपस्थित थे। कार्यशाला में 35 बच्चों की सक्रिय उपस्थिति रही। बच्चों के लिए सूक्ष्म जलपान की व्यवस्था रामदत्त उप्रेती, राजेन्द्र कुमार व गुँसाई राम जी द्वारा की गयी। बच्चों के लिए पुरस्कार की व्यवस्था हरीश जोशी सल्ट द्वारा की गयी। इस अवसर पर मोहित, उदिति, जानवी, आर्यन, चित्रा, काव्या, जानकी, प्रिया नेगी, अनमोल उप्रेती, मयंक, बबिता उप्रेती, खुशी, सचिन, विनय, यशवन्त, गायत्री, मानस, आरुष, दिपांशी, गरिमा, हर्षिता, प्रिया बेलवाल आदि उपस्थित थे। सात दिवसीय कार्यशाला के समापन पर कार्यशाला संयोजक कृपाल सिंह शीला द्वारा सभी सहयोगियों व प्रशिक्षको को कार्यशाला को सफल बनाने के लिए आभार व्यक्त किया गया।



