शिवालिक चिल्ड्रन साइंस फाउंडेशन द्वारा मैक्सटन स्ट्रांग स्कूल बनबसा, चंपावत में एक दिवसीय विज्ञान कार्यशाला हुई संपन्न।
बनबसा (चम्पावत)। शिवालिक चिल्ड्रन साइंस फाउंडेशन द्वारा मैक्सटन स्ट्रांग स्कूल बनबसा में एक दिवसीय प्रयोगात्मक कार्यशाला का आयोजन किया गया। सीमांत क्षेत्र के विद्यालय में कक्षा 6 से 10 तक के बच्चे सम्मलित रहे, जिसमें राष्ट्रीय पाठ्यचर्या पर आधारित पाठ्य पुस्तकों से जुड़ी 25 गतिविधियां प्रदर्शन विधि से समझाई गई। गतिविधियों को संपादित कराने में शिवालिक के सुमित पांडेय, विनय जोशी, हर्षित सामंत, समीर सिंह, अभिषेक गौतम, खुशबू गुप्ता, गरिमा उपाध्याय व अंजली मुरारी की अहम भूमिका रही।

इस कार्यशाला का मुख्य उद्देश्य छात्रों में वैज्ञानिक दृष्टिकोण के साथ कौशलों का विकास करना था, जिसमें बच्चों व शिक्षकों ने सक्रिय रुप से भाग लिया। गतिविधियों के दौरान जहाँ खुशबू गुप्ता ने सिद्दांत को व्यवहार से जोड़ने वाली गतिविधियों पर जोर दिया, वहीं समीर सिंह ने इन गतिविधियों को न केवल छात्रों के लिए बल्कि शिक्षकों के लिए भी एक शिक्षाप्रद अनुभव के तौर पर ग्रहण करने योग्य सिद्ध किया। विद्यालय के प्रबंधक गिरीश चंद्र जोशी ने बच्चों को ऐसी गतिविधि आधारित प्रयोगात्मक कार्यशाला के माध्यम से सीखने का एक अनूठा अवसर प्रदान करने के लिए टीम का आभार व्यक्त किया।

शिवालिक के सुमित पांडेय तथा विनय जोशी ने समापन सत्र में अपने विचार साझा करते हुए कहा कि ऐसे कार्यक्रम हमारे विद्यालयों के लिए बहुत महत्वपूर्ण हैं, क्योंकि यह बच्चों में विज्ञान के प्रति रुचि बढ़ाने और उन्हें तकनीकी ज्ञान में नई ऊँचाइयों तक पहुँचाने का एक प्रभावी तरीका सिद्ध होगा। विद्यालय की उप प्रधानाचार्या श्रीमती फिलीस जार्ज ने कहा कि हम शिवालिक चिल्ड्रन साइंस फाउंडेशन के इस प्रयास की सराहना करते हैं, और विद्यालय में ऐसे आयोजनों का स्वागत करेंगे। इस दौरान निर्मल न्योलिया ने विद्यालय के बच्चों द्वारा इस कार्यशाला की प्रत्येक गतिविधि में सक्रिय हिस्सेदारी से विद्यालय की उन गतिविधियों को संचालित करने में लाभ की उम्मीद जताई जो आगे आने वाले समय में कक्षा का हिस्सा बनेगा। कार्यशाला में विद्यालय की शिक्षिका उषा खोलिया, बबीता चंद, सुनीता जोशी, अंजू अधिकारी, शशि चंद सोराडीं, कंचन बैज, बबीता जोशी, निमिषा श्रीवास्तव आदि मौजूद रहे।



