जनता को पेयजल से सरोकार है, तेरे-मेरे की मानसिकता से बाहर आएं विभाग, कार्यप्रणाली में लाएं सुधार नहीं तो कार्रवाई के लिए तैयार रहे अधिकारी- जिलाधिकारी आलोक कुमार पांडेय।
अल्मोड़ा। जिलाधिकारी आलोक कुमार पांडेय ने आज कलेक्ट्रेट के वीसी कक्ष में जल संस्थान के सभी खंडों के कार्यों एवं योजनाओं की समीक्षा की। इस दौरान जिलाधिकारी आलोक कुमार पांडेय ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि जनता को पानी की आपूर्ति से सरोकार है, वें नहीं जानते कि किस विभाग का कार्य है। इसलिए विभाग आपसी समन्वय बनाकर लोगों को पेयजल उपलब्ध कराएं। अधिशाषी अभियंता रानीखेत को जिलाधिकारी ने कार्य प्रणाली में सुधार की हिदायत दी। उन्होंने कड़े निर्देश दिए कि यदि उन्होंने कार्यों में लेट लतीफी की तो कार्रवाई के लिए तैयार रहें। कहा कि कार्यों में आवश्यक प्रगति लाई जाएं। जहां भी विवाद की स्थिति है वहां संबंधित उपजिलाधिकारी को अवगत कराते हुए विवादों का निस्तारण करें एवं रुके हुए कार्यों में अपेक्षित प्रगति लाई जाएं।
बैठक में सर्वप्रथम जिलाधिकारी ने जनपद के तीनों खंडों के अधिकारियों से विभागीय ढांचा, संचालित योजनाओं एवं कार्यों की जानकारी प्राप्त की। इसके पश्चात उन्होंने विस्तार से सभी कार्यों की प्रगति की समीक्षा की। जिलाधिकारी ने कहा कि जहां-जहां भी वन भूमि आने के कारण कार्य प्रभावित हो रहे है, वहां प्रभागीय वनाधिकारी से समन्वय बनाएं एवं कार्यों को गति दें। उन्होंने जल जीवन मिशन की समीक्षा करते हुए कहा कि समय सीमा का ध्यान रखें तथा निर्धारित समय में सभी कार्य पूर्ण करें। अधिशाषी अभियंता जल संस्थान ने जानकारी देते हुए कहा कि जल जीवन मिशन का कार्य लगभग 97 प्रतिशत हो गया है। बाकी कार्य भी जल्द पूर्ण हो जाएगा।
जिलाधिकारी ने निर्देश दिए कि बारिश के दौरान कोसी बैराज में सिल्ट आने की वजह से बार-बार नगर की जलापूर्ति बाधित न हों, इसके लिए एक विस्तृत कार्य योजना बनाई जाएं ताकि नगर अल्मोड़ा को निर्बाध रुप से पानी की आपूर्ति चलती रहे। बैठक में मुख्य विकास अधिकारी दिवेश शाशनी, अधिशाषी अभियंता जल संस्थान अल्मोड़ा अरुण कुमार सोनी, रानीखेत सुरेश ठाकुर समेत अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।



