वैज्ञानिक शिक्षा को धरातल पर उतार, हर दिन नए कीर्तिमान रचता है शिवालिक चिल्ड्रन साइंस फाउंडेशन।

नानकमत्ता। शिवालिक चिल्ड्रन साइंस फाउंडेशन द्वारा 2 और 3 अक्टूबर को एन.पी.एस. नानकमत्ता में दो दिवसीय विज्ञान कार्यशाला का आयोजन किया गया। इस कार्यशाला में कक्षा 6 से 10 तक के लगभग 450 छात्रों ने सक्रिय रुप से भाग लिया। पिछले वर्ष शिवालिक चिल्ड्रन साइंस फाउंडेशन विभिन्न माध्यमों से 25,000 छात्रों तक पहुंची और 40 विद्यालयों को वैज्ञानिक शिक्षा से जोड़ा गया था। इस वर्ष 50,000 छात्रों को लक्षित किया गया है।

कार्यशाला का संचालन नौ सदस्यीय टीम द्वारा किया गया, जिसमें अध्यक्ष सुमित पाण्डेय, सचिव विनय जोशी, विशेषज्ञ सत्यम चौरसिया, सुमित पाण्डेय, हार्षित सामंत, हिमांशु तिवारी, अंजली मुरारी, खुशबू गुप्ता एवं गरिमा उपाध्याय शामिल थे। इस दौरान लगभग 40 गतिविधियाँ आयोजित की गई, जो कि NCERT पाठ्यक्रम पर आधारित थी। कार्यशाला का उद्देश्य छात्रों को विज्ञान के प्रति जागरुक करना और उन्हें विज्ञान की विभिन्न अवधारणाओं का व्यावहारिक ज्ञान प्रदान करना था।

कार्यक्रम के दौरान विद्यालय के संस्थापक कमलेश अटवाल ने कहा, “विज्ञान शिक्षा का हमारे बच्चों के जीवन में महत्वपूर्ण स्थान है। यह उन्हें न केवल ज्ञान देती है, बल्कि उन्हें जीवन के लिए तैयार करती है।” सचिव विनय जोशी ने कहा, “हमारा लक्ष्य छात्रों में वैज्ञानिक सोच विकसित करना है, ताकि वे भविष्य में अपने ज्ञान का उपयोग कर सकें।” अध्यक्ष सुमित पाण्डेय ने भी इस कार्यशाला के महत्व पर जोर दिया और कहा, “हम इस तरह के कार्यक्रमों के माध्यम से छात्रों को प्रेरित करने का प्रयास कर रहे है।”

कार्यक्रम में विद्यालय के प्रबंधक चंद्रशेखर अटवाल, प्रधानाचार्या वर्षा कांडपाल अटवाल और संरक्षक गोपाल दत्त जोशी भी उपस्थित रहे। उन्होंने इस कार्यशाला की सराहना की और छात्रों का उत्साहवर्धन किया। इस प्रकार की गतिविधियाँ छात्रों के लिए विज्ञान में रुचि बढ़ाने और उन्हें आगे बढ़ने के लिए प्रेरित करने का एक उत्कृष्ट अवसर प्रदान करती है। शिवालिक चिल्ड्रन साइंस फाउंडेशन द्वारा आयोजित यह कार्यशाला निश्चित रुप से छात्रों के लिए एक यादगार अनुभव साबित हुई।

रिपोर्टर- एस. आर. चन्द्रा भिकियासैंण

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