सहायक अध्यापक कृपाल सिंह शीला को स्मृति चिन्ह और प्रतिभागिता प्रमाण पत्र के साथ किया गया सम्मानित।

देहरादून। स्पर्श हिमाचल फाउंडेशन लेखक गाँव थानो, देहरादून द्वारा आयोजित अंतर्राष्ट्रीय साहित्य संस्कृति एवं कला महोत्सव दि. 23 अक्टूबर 2024 से 27 अक्टूबर 2024 तक 40 से भी अधिक देशों से उपस्थित हिंदी के साहित्यकार, कवि एवं पूरे भारतवर्ष के विभिन्न विश्वविद्यालयों से उपस्थित प्रोफेसर/प्राध्यापकों, शोध छात्रों की उपस्थिति में मनाया गया। इस महोत्सव में पहले दो दिवसों में नेशनल बुक ट्रस्ट द्वारा हिंदी की बाल कहानियों, बाल साहित्य का कुमाऊंनी व गढ़वाली के साहित्यकारों द्वारा अनुवाद कार्यशाला के माध्यम से करीब 40 पुस्तकों का अनुवाद किया गया।

पूर्व शिक्षा मंत्री भारत डॉ. रमेश पोखरियाल निशंक द्वारा हिंदी में लिखी गई 20 पुस्तकों के कुमाऊंनी व गढ़वाली के अनुवादक साहित्यकारों को डॉ. निशंक जी द्वारा सम्मानित किया गया। स्पर्श हिमालय महोत्सव 2024 का शुभारंभ पूर्व राष्ट्रपति महामहिम रामनाथ कोविंद जी व महामहिम राज्यपाल उत्तराखंड (सेवानिवृत्त ले.ज) गुरमीत सिंह व उत्तराखंड के माननीय मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी जी द्वारा किया गया। महोत्सव का समापन संस्कृति मंत्री, भारत माननीय भैरोसिंह शेखावत द्वारा किया गया।

इस अवसर पर कैबिनेट मंत्री माननीय अजय टम्टा, पूर्व शिक्षा मंत्री भारत डॉ. रमेश पोखरियाल, डॉ. निशंक व विधानसभा अध्यक्ष माननीया श्रीमती रितु भूषण खंडूरी की गरिमामयी उपस्थिति रही। इस महोत्सव में कृपाल सिंह शीला सहायक अध्यापक, राजकीय जूनियर हाईस्कूल मुनियाचौरा, भिकियासैंण (अल्मोड़ा) उत्तराखंड द्वारा लिखित कुमाऊंनी काव्य संग्रह “गिरै कौतिक” का माननीय संस्कृति मंत्री भारत द्वारा विमोचन किया गया। इस महोत्सव में प्रतिभागिता के लिए मंच से कृपाल सिंह शीला को प्रमाण पत्र व स्मृति चिन्ह देकर सम्मानित किया गया।

रिपोर्टर- एस. आर. चन्द्रा भिकियासैंण

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