विकासखंड चंपावत व पाटी में “गाँव जितने समृद्ध होंगे, देश उतना विकसित होगा” विषय पर सामुदायिक सहभागिता कार्यशाला का हुआ आयोजन।

चम्पावत। विकासखंड चम्पावत व पाटी में उत्तराखंड विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी परिषद (यूकॉस्ट) के तत्वाधान में समुदाय आधारित संस्था नौला फाउंडेशन द्वारा उद्यमिता विकास कार्यक्रम पर सामुदायिक सहभागिता कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यशाला में ग्राम सभा सिलिंगटॉक व ज्वालारी की महिलाओं और स्थानीय नागरिकों ने प्रतिभाग किया। मुख्य वक्ता गिरधर सिंह ने कहा कि यूकॉस्ट लोकप्रिय प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के विजन 2047 के मद्देनजर आदर्श चम्पावत उद्यमिता विकास कार्यक्रम से ग्रामीण समुदायों को स्थानीय उत्पादों से सतत आजीविका संवर्धन पर काम कर रहा है।

उन्होंने कहा कि नौला फाउंडेशन भी मानता हैं कि ग्रामीण महिलाओं को उद्यमिता के माध्यम से सशक्त बनाना होगा। गाँव के विकास के बिना देश का विकास संभव नहीं है। आज आवश्यकता है कि गाँवों को विकसित बनाने की पहल की जाएं ताकि देश विकसित हों सकें। यदि ग्रामीण क्षेत्र का विकास होगा तो इससे यहां रहने वाले लोगों को कार्यक्रम का एक महत्वपूर्ण केंद्र बिन्दु उद्यमिता के माध्यम से ग्रामीण महिलाओं को सशक्त बनाना, पहाड़ पानी परम्परा एवं हमारी स्थानीय समृद्ध लोक विरासत के सरंक्षण संवर्धन पर आई. इ. सी. ग्रामीण जागरुकता कार्यक्रम करना।

सहयोगात्मक और सामूहिक ग्रामीण परिवर्तन के लिए योजना बनाने के लिए सरकारी अधिकारियों, विचारकों, ग्रामीण उद्यमियों, कारीगरों और विविध क्षेत्रों के हितधारकों को एक साथ लाने, ग्रामीण आजीविका को बढ़ाने के लिए प्रौद्योगिकी और नवीन विधियों का लाभ उठाने के बारे में चर्चा को प्रोत्साहित करना और जीवंत प्रदर्शनों तथा प्रदर्शनियों के माध्यम से भारत की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत को प्रदर्शित करना होगा। रोजगार के साधन भी मिलेंगे। कार्यशाला में ग्रामीण उद्यम त्वरण परियोजना (आरईएपी) के सीएलएफ अनिल गहतोड़ी, मोहन चंद्र सिरोरी, ईडीपी मेंटर तरुण बिष्ट, एनआरएलएम की पूजा पुजारी, मंजू गहतोड़ी, तुलसी जोशी, शांति मेहता, जानकी, देव गिरी, आन गिरी आदि ने प्रतिभाग किया।
रिपोर्टर- एस. आर. चन्द्रा भिकियासैंण























