“उत्तराखंड मेरी मातृभूमि” कुमाऊँनी वंदना गायन के साथ अंतरराष्ट्रीय मातृभाषा दिवस का हुआ शुभारंभ।

भिकियासैंण (अल्मोड़ा)। अंतरराष्ट्रीय मातृभाषा दिवस के अवसर पर राजकीय आदर्श प्राथमिक विद्यालय बासोट के बच्चों द्वारा अपनी मातृभाषा कुमाऊँनी को बढ़ावा देने के लिए अपने घर पर भी कुमाऊँनी में बात करने की बात करने के साथ अपनी सांस्कृतिक प्रस्तुतियों में कुमाऊँनी गीत गाए गए। इस अवसर पर विद्यालय के प्रधानाध्यापक दयाशंकर गिरी द्वारा अंतरराष्ट्रीय मातृभाषा दिवस के अवसर पर बच्चों से अपनी मातृभाषा में बातचीत करने पर बल दिया।
इस अवसर पर संकुल – बासोट से प्रधानाध्यापिका मणिका पाठक, ममता हर्ष व विद्यालय में सेवारत शिक्षिका निकिता ने भी अपने विचार बच्चों के बीच साझा किए। बच्चों द्वारा “बेडू पाको बारुमासा” व “रंगिलि बिन्दी घाघरि काइ” कुमाऊँनी लोकगीतों की सुंदर प्रस्तुति दी गई। मंच का संचालन करते हुए विद्यालय के शिक्षक कृपाल सिंह शीला ने सभी बच्चों से अपनी मातृभाषा को बढ़ावा देने उसका संरक्षण का निवेदन किया।
अंतरराष्ट्रीय मातृभाषा दिवस दुनियाभर में भाषाओं के प्रति लोगों के लगाव व बचाव के भाव को बढ़ावा देने के लिए मनाया जाता है। भाषाएं लोगों को आपस में जोड़ने के साथ उनकी संस्कृति को संरक्षित करने का मौका भी देती है। इसी विविधता को बढ़ावा देने के लिए यूनेस्को ने 17 नवंबर 1999 में 21 फरवरी को अंतरराष्ट्रीय मातृभाषा दिवस मनाने की घोषणा की थी। विश्व में भाषायी एवं सांस्कृतिक विविधता और बहुभाषिता को बढ़ावा मिलें। इस बार की थीम “अंतरराष्ट्रीय मातृभाषा दिवस का सिल्वर जुबली समारोह 2025” है। अंतरराष्ट्रीय मातृभाषा दिवस विविध कुमाऊँनी कार्यक्रमों के साथ मनाया गया। इस अवसर पर जानवी, हर्षिता, विवेक, प्रिन्स, दीपाँशु, कामना, कार्तिक, निशा, मनीषा, दीपक, मोहित, आरुष, करन, रक्षिता, भगीरथ आदि उपस्थित थे।



