निराश्रित गायों द्वारा उपज रही फसलों को नुकसान करने में बंजर हो रही खेती – एस. आर. चन्द्रा।

भिकियासैंण/स्याल्दे। निराश्रित पशुओं के कारण स्याल्दे कि उपजाऊ खेती बंजर हो रही है। विकासखंड स्याल्दे में आवारा जानवरों की तादात बड़ने के कारण हजारों हैक्टेयर उपजाऊ भूमि बंजर हो रही है। यहाँ आए दिन बेसहारा पशुओं की संख्या बढ़ती रहती है, जो सारे फसलो को रौद कर नष्ट कर रहे है, जिस कारण यहाँ का किसान खेती करना नहीं चाहता है। आजिविका पालन नहीं होने से पलायन करने को लोग मजबूर हो गए है।

वहीं पहले जंगली जानवर नुकसान करते थे, अब आवारा जानवर सारी फसल चौपट कर रहे है, ऐसे में किसानों का मनोबल टूट सा गया है। कैसे खेतों कि रखवाली होगी, कैसे परिवार का भरण पोषण के लिए अनाज पैदा कर पाएंगे। यहाँ कि माने तो लगभग एक दसक हो चुका है कि आए दिन आवारा जानवरों की संख्या बढ़ती जा रही है। कम से कम स्याल्दे क्षेत्र में 250 से ज्यादा बेसहारा जानवर हो चुके है। इस सम्बन्ध में क्षेत्रवासियों द्वारा शासन-प्रशासन से कई बार बताया गया है, लेकिन कोई परिणाम नहीं मिला। अब यहाँ के किसान कास्तकारों ने खेती कि तरफ मुँह मोड़ना शुरु कर दिया है।

इस महंगाई के दौर में यदि किसान अपनी खेती करना भी चाहता है तो यह सबसे बड़ी समस्या उनके सामने खड़ी रहती है, सारी मेहनत करने के बाद सारे खेत बेसहारा जानवर चट कर जाए तो खेती करके क्या ही फायदा होगा।

इस सम्बन्ध में दिवान गिरी तहसील दार स्याल्दे ने निराश्रित पशुओ के संरक्षण के लिए स्याल्दे विकासखण्ड के मगरुखाल व बज्रखोड़ा में भूमि चयनित कर दी गई है, जिसके दस्तावेज फाईल जिले को भेजी गई है, कार्य चल रहा है जल्द से जल्द गौशाला खोल कर पशुओं को भेजा जाएगा।

रिपोर्टर- एस. आर. चन्द्रा भिकियासैंण

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