बासोट क्षेत्र के दर्जनों गाँवों में पेयजल संकट, विभाग के प्रति ग्रामीणों का फूटा गुस्सा, एक हफ्ते की दी मौहलत।

भिकियासैंण। रामगंगा भवानी देवी पंपिंग पेयजल योजना के चार पम्पों में से एक ही पम्प पानी लिफ्ट कर रहा है, जिस वजह से 50 से अधिक गाँवों में पेयजल आपूर्ति चरमरा गई है। ग्रामीणों ने उपजिलाधिकारी भिकियासैंण के माध्यम से जिलाधिकारी को ज्ञापन भेजा। ज्ञापन में कहा गया है कि रामगंगा भवानी देवी पंपिंग पेयजल योजना के चार पम्पों में से एक ही पम्प पानी लिफ्ट कर रहा है जिस वजह से 50 से अधिक गाँवों में पेयजल आपूर्ति चरमरा गई है। ग्रामीणों ने जिलाधिकारी को दिए ज्ञापन में कहा कि विगत 45 दिन से पेयजल आपूर्ति ठप है। गर्मी अधिक होने के कारण गाँव के प्राकृतिक जल स्रोत सूखने के कगार पर हैं। पेयजल आपूर्ति के लिए लंबी लाइन लगाने पड़ रही है, अधिकांश लोग पशु पालन और कृषि कार्य करते हैं, लेकिन पेयजल संकट के कारण पशुओं को भी पेयजल आपूर्ति नहीं हो पा रहा है, जिससे पशुपालक हताश हैं।
ज्ञातव्य हों कि भवानी देवी पंपिंग पेयजल योजना साढ़े तीन दशक पुरानी है। इसके पम्प सहित वितरण पाइप खस्ताहाल हो चुके हैं। चार पंपों के स्थान पर एक पंप पानी लिफ्ट कर रहा है जिस वजह से बासोट, स्यालकोट, चनुली सरपटा, कोटा, इनोली, कुनझीणा, सीम, कमेटपानी, जिहाड़ आदि गाँवों में पेयजल व्यवस्था चरमरा गई है। ज्ञापन में त्रिलोक सिंह भंडारी, संदीप खुल्बै, महावीर भंडारी, दान सिंह, कर्म सिंह, ईश्वर सिंह, नीमा, गंगा देवी, चंपा देवी आदि के हस्ताक्षर है।
भिकियासैंण। ग्रामीणो की मांग पर बासोट क्षेत्र के 50 गाँवों में पेयजल संकट को देखते हुए उपजिलाधिकारी भिकियासैंण सीमा विश्वकर्मा ने तुरंत ही सम्बंधित विभाग पेयजल निगम नौला व जल संस्थान अधिकारियों को कार्यालय मे बुलाकर खूब फटकार लगाई और आपस में वार्ता कर कहा एक हफ्ते में पेयजल संकट दूर किया जाए, पेयजल जैसे संकट में किसी भी तरह की लापरवाही नहीं बरती जाएगी। वार्ता में एई जल निगम नौला जितेन्द्र सुयाल, जेई परवेज जहां, जेई जल संस्थान गौरव पंत, नंदन रावत, त्रिलोक सिंह भंडारी, संदीप खुल्बै, राजेन्द्र रौतेला सहित दर्जनों ग्रामीण थे।



