सरकारी उदासीनता के खिलाफ आंदोलन तेज — शुद्धि-बुद्धि यज्ञ और ताला-बंदी का हुआ ऐलान।
स्याल्दे/भिकियासैंण (अल्मोड़ा)। विकासखंड चौकोट जन सेवा संघर्ष समिति के बैनर तले चल रहा आंदोलन आज 23वें दिन में प्रवेश कर गया। समिति की आठ सूत्रीय मांगों को लेकर आंदोलन लगातार जारी है। इसी क्रम में आमरण अनशन पर बैठे राजेंद्र सिंह का आज सातवां दिन रहा, जिनकी स्वास्थ्य स्थिति लगातार कमजोर होती जा रही है।
आंदोलनकारियों ने सोमवार को आंदोलन को और तेज करने की रणनीति बनाते हुए सरकारी संस्थानों में ताला-बंदी करने और सरकार व प्रशासन के प्रति शुद्धि-बुद्धि यज्ञ करने की घोषणा की है। इस कार्यक्रम में क्षेत्र की आम जनता की व्यापक भागीदारी की उम्मीद है।
क्रमिक अनशन में क्षेत्र की महिलाओं की भूमिका विशेष रुप से महत्वपूर्ण रही। प्रत्येक गाँव से महिलाएं अपने समूहों और मंगल दलों के साथ अनशन स्थल पर पहुंचकर आंदोलन को मजबूती दे रही हैं। महिला शक्ति लगातार अपनी हक की लड़ाई में डटी हुई है।
समिति के आंदोलनकारियों अधिवक्ता राकेश बिष्ट, अधिवक्ता ललित बिष्ट, पूरन पालीवाल, डिकम्बर धौलाखंडी, चंदन उप्रेती, जितेंद्र रजवार, मनोज पटवाल सहित बड़ी संख्या में क्षेत्रवासी लगातार आंदोलन को समर्थन प्रदान कर रहे हैं।
मुख्य मांगों में से गौ-संरक्षण के मुद्दे पर प्रशासन ने पहल करते हुए लगभग 30 गायों को गौ-सदनों में भेजा है, जबकि अन्य पशुओं को भी सुरक्षित स्थानों पर भेजने का प्रयास जारी है।



