जड़ी-बूटी व पर्यावरण शोध समिति द्वारा फल प्रसंस्करण कार्यशाला हुई आयोजित।
चौखुटिया (अल्मोड़ा)। सामुदायिक भवन गज़ार में उत्तराखण्ड राज्य विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी परिषद तथा जड़ी-बूटी एवं पर्यावरण शोध समिति के संयुक्त तत्वावधान में महिला सशक्तिकरण से उद्यमिता विकास विषय पर आधारित फल प्रसंस्करण कार्यशाला का सफल आयोजन किया गया।
कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्र की महिलाओं को स्थानीय संसाधनों के माध्यम से स्वरोजगार से जोड़कर आर्थिक रुप से मजबूत बनाना तथा उनके उद्यमिता कौशल का विकास करना था।
कार्यशाला की मुख्य प्रशिक्षक गीता ने महिलाओं को फल प्रसंस्करण की विभिन्न तकनीकों, उत्पाद संरक्षण, पैकेजिंग, ब्रांडिंग एवं विपणन संबंधी महत्वपूर्ण जानकारियाँ प्रदान की। उन्होंने कहा कि फल प्रसंस्करण ग्रामीण महिलाओं के लिए कम लागत में लाभकारी उद्यम का उत्कृष्ट अवसर है।
महिला स्वयं सहायता समूहों की महिलाओं ने भी कार्यक्रम में बढ़-चढ़कर प्रतिभाग किया। महिला समूह संगठन की अध्यक्ष ने इस कार्यशाला को अत्यंत उपयोगी बताते हुए कहा कि ऐसे प्रशिक्षण कार्यक्रम महिलाओं को आत्मनिर्भर एवं सशक्त बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
ग्राम प्रधान मोहन सिंह ने कार्यक्रम को प्रेरणादायक बताते हुए कहा कि इस प्रकार की कार्यशालाएँ गाँव के समग्र विकास में महिलाओं की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करती हैं। उन्होंने UCOST तथा जड़ी-बूटी एवं पर्यावरण शोध समिति के प्रति आभार व्यक्त करते हुए आगे भी ऐसे कार्यक्रमों के नियमित आयोजन की अपेक्षा जताई।
कार्यक्रम में संस्था के कृष्णा सिंह, नरेन्द्र सिंह, तारा सिंह सहित अनेक महिलाएँ एवं ग्रामीणजन उपस्थित रहे।



