विकासखंड स्याल्दे में चौकोट संघर्ष समिति का आमरण अनशन 28वें दिन भी रहा जारी।
स्याल्दे/भिकियासैंण (अल्मोड़ा)। विकासखंड स्याल्दे में चौकोट संघर्ष समिति की ओर से 8 सूत्रीय मांगों को लेकर किया जा रहा आंदोलन शनिवार को 28वें दिन भी जारी रहा। आज पूरन पालीवाल और हर सिंह उर्फ गागुली आमरण अनशन पर बैठ गए, जबकि राजेंद्र बिष्ट, यशपाल बिष्ट, बालम मनराल और ललित बिष्ट क्रमिक अनशन पर बैठे।
क्षेत्र में “ऑपरेशन मूलभूत सुविधाएँ” के समर्थन में आंदोलन लगातार जारी है। आंदोलनकारियों ने स्याल्दे तहसील को परगना घोषित करने की मांग को लेकर जोरदार नारेबाजी की। साथ ही क्षेत्र की शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं की खराब स्थिति पर भी नाराजगी जताई।
🔹 सरकार पर गंभीरता न दिखाने का आरोप:
आंदोलनकारी अधिवक्ता राकेश बिष्ट ने आरोप लगाया कि सरकार उनकी मांगों को नजरअंदाज कर रही है, इसलिए आंदोलनकारियों पर मुकदमे दर्ज किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा — “यदि क्षेत्र के विकास के लिए आंदोलन किया जाता है तो उस पर मुकदमा लगाना लोकतंत्र का मजाक है। प्रशासन डरा हुआ है और खुद को बचाने के लिए आंदोलनकारियों पर कार्रवाई कर रहा है।”
🔹कठोर ठंड में भी आंदोलन जारी, व्यवस्था शून्य:
आंदोलनकारी पूर्व सैनिक आनंद राम मासी ने कहा कि प्रशासन ने अभी तक आंदोलनकारियों की कोई सुध नहीं ली है। उन्होंने कहा —
● कड़ाके की ठंड में वे किस तरह रह रहे हैं, प्रशासन को इसकी जानकारी तक नहीं।
● शौचालय की कोई व्यवस्था नहीं है, जिससे लोगों को खुले में जाने को मजबूर होना पड़ रहा है।
● अलाव और अन्य आवश्यक प्रबंध भी आंदोलनकारियों को स्वयं ही करने पड़ रहे हैं।
● प्रशासन की तरफ से कोई सहयोग नहीं मिल रहा, जो बेहद दुर्भाग्यपूर्ण स्थिति है।
आंदोलन स्थल पर व्यवस्थाओं के अभाव को लेकर आंदोलनकारियों में रोष बना हुआ है और उन्होंने चेतावनी दी है कि जब तक उनकी 8 सूत्रीय मांगों पर सकारात्मक कार्रवाई नहीं होती, आंदोलन जारी रहेगा।



