डॉ. प्रताप बिष्ट राजकीय महाविद्यालय भिकियासैंण में ‘विकसित भारत 2047’ के अंतर्गत पाँच दिवसीय व्याख्यानमाला कार्यक्रम के चौथे दिन का हुआ आयोजन।
भिकियासैंण (अल्मोड़ा)। डॉ. प्रताप बिष्ट राजकीय महाविद्यालय भिकियासैंण में महाविद्यालय के आईक्यूएसी एवं वाणिज्य विभाग के संयुक्त तत्वावधान में ‘विकसित भारत 2047’ के अंतर्गत आयोजित पाँच दिवसीय व्याख्यानमाला कार्यक्रम का चौथा दिन स्वास्थ्य, पोषण और पर्यावरण विषय पर केंद्रित रहा।
कार्यक्रम के मुख्य वक्ता राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय स्याल्दे के हिंदी विभाग के सहायक प्राध्यापक डॉ. जगदीश चंद्र रहे। उन्होंने पीपीटी प्रस्तुतीकरण के माध्यम से स्वास्थ्य सुविधाओं, हेल्थ सेक्टर में सुधार, प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों के डिजिटलीकरण, दवाओं की उपलब्धता, प्राथमिक इंफ्रास्ट्रक्चर विस्तार, रिसर्च, नवाचार, वैक्सीन, दवा निर्माण एवं डिजिटल टूल्स पर कार्य करने की आवश्यकता पर प्रकाश डाला।
उन्होंने कहा कि देश में आज भी अल्प पोषण और कुपोषण बड़ी समस्या है, इसलिए नौनिहालों के पोषण, महिलाओं के पोषण एवं खाद्य सुरक्षा पर विशेष ध्यान देना होगा। पर्यावरण क्षेत्र में वायु एवं जल गुणवत्ता सुधार, वन एवं पर्यावरण संरक्षण तथा वैज्ञानिक कृषि को बढ़ावा देना विकसित भारत 2047 की दिशा में महत्वपूर्ण कदम हैं।
कार्यक्रम महाविद्यालय की प्राचार्य प्रोफेसर शर्मिला सक्सेना के मार्गदर्शन तथा प्रभारी प्राचार्य डॉ. साबिर हुसैन की अध्यक्षता में आयोजित हुआ। प्रभारी प्राचार्य ने कहा कि यह व्याख्यानमाला छात्र-छात्राओं के लिए ज्ञानवर्धक सिद्ध होगी। संचालन संयोजक डॉ. राजीव कुमार एवं आयोजक सचिव डॉ. दीपा लोहनी द्वारा संयुक्त रूप से किया गया।
कार्यक्रम में डॉ. विश्वनाथ पांडे, डॉ. गौरव कुमार, डॉ. कौशल कुमार, डॉ. इला बिष्ट, डॉ. दिनेश कुमार, डॉ. सोनम, डॉ. इंदिरा, महेश चंद्र, गौरव कुमार सहित महाविद्यालय का समस्त स्टाफ एवं छात्र-छात्राएँ उपस्थित रहे।



