डॉ. प्रताप बिष्ट राजकीय महाविद्यालय भिकियासैंण में ‘विकसित भारत 2047’ के अंतर्गत आयोजित पाँच दिवसीय व्याख्यानमाला कार्यक्रम का हुआ समापन।
भिकियासैंण (अल्मोड़ा)। डॉ. प्रताप बिष्ट राजकीय महाविद्यालय भिकियासैंण में महाविद्यालय के आईक्यूएसी एवं वाणिज्य विभाग के संयुक्त तत्वावधान में ‘विकसित भारत 2047’ के अंतर्गत आयोजित पाँच दिवसीय व्याख्यानमाला कार्यक्रम का समापन किया गया। अंतिम दिन कार्यक्रम का शुभारंभ सरस्वती माँ की प्रतिमा के समक्ष दीप प्रज्वलित कर किया गया।
कार्यक्रम में तीन वक्ताओं द्वारा विभिन्न विषयों पर व्याख्यान प्रस्तुत किए गए।
अंग्रेजी विभाग के प्राध्यापक डॉ. कौशल कुमार ने विकसित भारत 2047—मिशन और विजन विषय पर विस्तृत व्याख्यान देते हुए बताया कि विकसित भारत बनने की दिशा में देश को किन चुनौतियों का सामना करना है और अब तक किन क्षेत्रों में महत्वपूर्ण उपलब्धियां प्राप्त की गई हैं।
राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय मानिला की हिंदी विभाग प्रभारी डॉ. गार्गी लोहनी ने शिक्षा, कौशल और नवाचार की प्रासंगिकता पर प्रकाश डालते हुए इन तीनों के चक्रीय संबंधों और ‘विकसित भारत 2047’ में उनकी भूमिका पर विस्तार से चर्चा की। उन्होंने नई शिक्षा नीति, स्टार्टअप, आत्मनिर्भर भारत और स्किल इंडिया को विकसित भारत की नींव बताया।
राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय मानिला की राजनीति विज्ञान की सहायक प्राध्यापक डॉ. रेखा ने सामाजिक अवधारणा एवं सामाजिक न्याय विषय को सरलता से समझाते हुए कहा कि विकसित भारत का निर्माण तभी संभव है जब हर वर्ग, हर लिंग और हर क्षेत्र के व्यक्ति को मुख्यधारा में शामिल किया जाए। उन्होंने कहा कि — “जब गाँव की अंतिम छोर की बेटी डॉक्टर बने, आदिवासी युवा स्टार्टअप खड़ा करे और दिव्यांगजन भी बराबरी के सहभागी बनें, तभी भारत वास्तव में विकसित कहलाएगा।”
कार्यक्रम महाविद्यालय की प्राचार्य प्रोफेसर शर्मिला सक्सेना के मार्गदर्शन और प्रभारी प्राचार्य डॉ. साबिर हुसैन की अध्यक्षता में आयोजित किया गया। संचालन संयोजक डॉ. राजीव कुमार एवं आयोजक सचिव डॉ. दीपा लोहनी द्वारा संयुक्त रुप से किया गया।
कार्यक्रम के अंत में संयोजक डॉ. राजीव कुमार ने पाँच दिवसीय व्याख्यानमाला का प्रतिवेदन प्रस्तुत किया और सभी का आभार व्यक्त किया। प्रभारी प्राचार्य ने कार्यक्रम को अत्यंत ज्ञानवर्धक और उपयोगी बताया।
इस अवसर पर डॉ. विश्वनाथ पांडे, डॉ. गौरव कुमार, डॉ. इला, डॉ. दिनेश कुमार, डॉ. सोनम, डॉ. इंदिरा, शेर सिंह, महेश चंद्र, गौरव कुमार सहित समस्त महाविद्यालय स्टाफ, छात्र संघ पदाधिकारी एवं बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे।



