राजकीय महाविद्यालय शीतलाखेत में ‘औंड़ दिवस’ का आयोजन, वनों को आग से बचाने को लेकर किया गया जागरुक।

शीतलाखेत (अल्मोड़ा)। राजकीय महाविद्यालय शीतलाखेत में निहिर हिमालयन संस्थान के अध्यक्ष एवं ‘जंगल के दोस्त’ संस्था के संरक्षक आर. डी. जोशी के तत्वावधान में ‘औंड़ दिवस’ का आयोजन किया गया। उनका स्वागत महाविद्यालय के प्राचार्य प्रोफेसर ललन प्रसाद वर्मा द्वारा फूलमाला एवं पुष्पगुच्छ देकर किया गया।

‘जंगल के दोस्त’ उत्तराखंड के अल्मोड़ा में वन संरक्षण और अग्निशमन के लिए समर्पित एक सामुदायिक पहल है, जिसे विवेकानंद पहाड़ी कृषि अनुसंधान संस्थान का सहयोग प्राप्त है। यह संस्था वर्ष 2004 से सक्रिय है और 500 हेक्टेयर से अधिक वन भूमि को पुनर्जीवित करने के लिए स्थानीय समुदायों, विशेषकर महिलाओं को जोड़कर प्राकृतिक खेती और जंगल सुरक्षा को बढ़ावा देती है। इस अवसर पर बताया गया कि वनों को आग से बचाने के लिए संस्था विभिन्न माध्यमों से लोगों को जागरुक कर रही है। कार्यक्रम में खर-पतवार को किस प्रकार नष्ट किया जाए, इसकी भी विस्तार से जानकारी दी गई।

शीतलाखेत संघर्ष समिति अल्मोड़ा द्वारा जंगलों को बचाने के लिए विशेष पहल की गई है। यह समिति शीतला वन को आग लगने से बचाने के लिए निरंतर कार्य कर रही है। इसी समिति द्वारा 1 अप्रैल को ‘औंड़ दिवस’ के रुप में मनाने की शुरुआत की गई, जिसे तब से निरंतर मनाया जा रहा है। कार्यक्रम में बताया गया कि खर-पतवार को एक स्थान पर ही जलाया जाए तथा इसे सुबह के समय नष्ट किया जाए, क्योंकि दिन में हवा चलने से आग फैलकर जंगल तक पहुंच सकती है, जिससे वन संपदा को भारी नुकसान होता है। वक्ताओं ने वनों को आग से बचाने के लिए सभी से आगे आने की अपील की तथा कहा कि वनों के बिना मानव जीवन की कल्पना संभव नहीं है।

कार्यक्रम का संचालन महाविद्यालय के प्राध्यापक डॉ. प्रकाश चंद्र जांगी द्वारा किया गया। प्राचार्य प्रोफेसर ललन प्रसाद वर्मा ने भी जंगलों को आग से बचाने एवं उनके संरक्षण के महत्व पर प्रकाश डाला।

इस कार्यक्रम में महाविद्यालय के समस्त प्राध्यापक एवं छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे।

रिपोर्टर – रिया सोलीवाल

Leave a Comment

Your email address will not be published. Required fields are marked *