महिला अधिकार एवं न्याय विषय पर ऑनलाइन संगोष्ठी आयोजित, विशेषज्ञों ने दी जागरुकता की सीख।

भिकियासैंण (अल्मोड़ा)। भिकियासैंण, बनबसा, मीठीबेरी, बिध्याणी राजकीय महाविद्यालयों एवं विश्व संवाद केंद्र के संयुक्त तत्वावधान में ‘महिला अधिकार एवं न्याय’ विषय पर एक दिवसीय ऑनलाइन संगोष्ठी का सफल आयोजन किया गया।

राजकीय महाविद्यालय भिकियासैंण द्वारा राजकीय महाविद्यालय बनबसा (चंपावत), राजकीय मॉडल महाविद्यालय मीठीबेरी (हरिद्वार), महायोगी गुरुगोरखनाथ राजकीय महाविद्यालय बिध्याणी (पौड़ी गढ़वाल) एवं विश्व संवाद केंद्र, उत्तराखण्ड प्रांत के संयुक्त तत्वावधान में डॉ. भीमराव अंबेडकर की जयंती के उपलक्ष्य में आज शनिवार को “अधिकार एवं न्याय – आर्थिक, राजनीतिक एवं सामाजिक न्याय (महिलाओं के विशेष संदर्भ में)” विषय पर संगोष्ठी आयोजित की गई।

कार्यक्रम की मुख्य वक्ता आईआईटी रुड़की के मानविकी और सामाजिक विज्ञान विभाग की विभागाध्यक्ष प्रो. स्मिता झा रहीं। उन्होंने अपने व्याख्यान में महिलाओं के संवैधानिक अधिकारों पर विस्तार से प्रकाश डालते हुए कहा कि जब तक महिलाएं आर्थिक और सामाजिक रुप से सुदृढ़ नहीं होंगी, तब तक न्याय की संकल्पना अधूरी है।

प्रो. झा ने शिक्षा के माध्यम से जागरुकता लाने की आवश्यकता पर बल दिया। उन्होंने भारतीय संविधान द्वारा महिलाओं को दिए गए विशेष सुरक्षा अधिकारों तथा विभिन्न अधिनियमों की विस्तृत जानकारी भी साझा की।

संगोष्ठी का आयोजन संबंधित महाविद्यालयों के प्राचार्यों के संरक्षण में किया गया। भिकियासैंण महाविद्यालय की प्राचार्य प्रोफेसर शर्मिला सक्सेना ने कहा कि ऐसे आयोजन छात्र-छात्राओं के बौद्धिक विकास के साथ-साथ उन्हें समाज की ज्वलंत समस्याओं के प्रति जागरुक बनाते हैं।

इस ऑनलाइन संगोष्ठी में विभिन्न महाविद्यालयों के प्राध्यापक, शोधार्थी एवं छात्र-छात्राओं सहित लगभग 100 प्रतिभागियों ने भाग लिया। कार्यक्रम के अंत में मुख्य वक्ता द्वारा प्रतिभागियों के प्रश्नों के उत्तर भी दिए गए। कार्यक्रम का संचालन एवं धन्यवाद ज्ञापन आयोजन समिति के सदस्यों द्वारा किया गया।

रिपोर्टर – रिया सोलीवाल

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