PWD की लापरवाही से ठप हुई भाबर पेयजल योजना, 5 दिन से पानी को तरस रहे ग्रामीण।

बिना एनओसी सड़क निर्माण के दौरान तोड़ी मुख्य पाइपलाइन, जलापूर्ति बहाल न होने पर आंदोलन की चेतावनी।

स्याल्दे/भिकियासैंण (अल्मोड़ा)। जिला पंचायत अल्मोड़ा के उपाध्यक्ष सुरेंद्र नेगी एवं मीडिया प्रभारी सुमित मनराल ने लोक निर्माण विभाग (PWD) और जल संस्थान के बीच समन्वय की कमी के कारण क्षेत्र की जनता को हो रही भारी परेशानी पर गहरा रोष व्यक्त किया है। उन्होंने बताया कि विकासखंड स्याल्दे के देघाट क्षेत्र अंतर्गत मल्ली चमयाड़ी, तली चमयाड़ी और मोहनीढैया सहित कई गाँवों के ग्रामीणों द्वारा लगातार दूरभाष एवं अन्य माध्यमों से शिकायतें प्राप्त हो रही हैं कि भाबर पेयजल योजना से पिछले पाँच दिनों से पानी की आपूर्ति पूरी तरह ठप है।

मामले की गंभीरता को देखते हुए जब इसकी जाँच की गई तो पता चला कि करीब पाँच दिन पूर्व लोक निर्माण विभाग (PWD) ने जल संस्थान से अनापत्ति प्रमाण पत्र (NOC) लिए बिना तथा किसी प्रकार की पूर्व सूचना दिए सड़क निर्माण कार्य शुरु कर दिया। इस दौरान लापरवाही के चलते भाबर पेयजल योजना की मुख्य पाइपलाइन बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई। जल संस्थान के स्थानीय अधिकारियों ने भी पुष्टि की है कि PWD द्वारा नियमों के विपरीत बिना किसी जानकारी के यह कार्य कराया गया।

मीडिया प्रभारी सुमित मनराल ने कहा कि भीषण गर्मी के इस मौसम में ग्रामीणों, विशेषकर बच्चों, बुजुर्गों और महिलाओं को पानी के लिए दो से तीन किलोमीटर दूर प्राकृतिक जल स्रोतों तक जाना पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि दो विभागों के बीच समन्वय की कमी का खामियाजा निर्दोष जनता भुगत रही है, जिसे किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

सुमित मनराल ने बताया कि उन्होंने इस संबंध में अधिशासी अभियंता, जल संस्थान रानीखेत को आधिकारिक पत्र भेजकर मांग की है कि अगले 24 घंटे के भीतर PWD से समन्वय स्थापित कर क्षतिग्रस्त पाइपलाइन की मरम्मत कर जलापूर्ति तत्काल बहाल की जाए। साथ ही उन्होंने जिलाधिकारी अल्मोड़ा से मांग की है कि बिना एनओसी कार्य कराने वाले दोषी ठेकेदार अथवा अधिकारी से ही मरम्मत का पूरा खर्च वसूला जाए।

वहीं जिला पंचायत उपाध्यक्ष सुरेंद्र नेगी ने चेतावनी देते हुए कहा कि यदि निर्धारित समय सीमा के भीतर क्षेत्र में पेयजल आपूर्ति बहाल नहीं की गई तो वे ग्रामीणों के साथ संबंधित विभागों के खिलाफ उग्र आंदोलन शुरु करने को बाध्य होंगे, जिसकी पूरी जिम्मेदारी शासन और प्रशासन की होगी।

रिपोर्टर – रिया सोलीवाल

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