हरेला पर्व पर श्री बद्रीनाथ मंदिर सेवा समिति ने शुरु किया वृहद वृक्षारोपण अभियान, 500 पौधे लगाने का रखा लक्ष्य।
स्याल्दे/भिकियासैंण (अल्मोड़ा)। हरेला पर्व के अवसर पर श्री बद्रीनाथ मंदिर में वृहद वृक्षारोपण अभियान का शुभारंभ किया गया। विकासखंड के दूरस्थ गाँव मल्ला धनेटा में उत्तराखंड के लोकपर्व हरेला के अवसर पर श्री बद्रीनाथ मंदिर सेवा समिति, मल्ला धनेटा के तत्वावधान में ग्राम नींबूगैर से श्री बद्रीनाथ मंदिर तक वृहद वृक्षारोपण अभियान शुरु किया गया। अभियान का उद्देश्य मंदिर परिसर एवं मंदिर मार्ग को हराभरा बनाते हुए पर्यावरण संरक्षण तथा धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा देना है।
कार्यक्रम के अंतर्गत वन प्रभाग रानीखेत द्वारा बाँज, बुरांश, उन्तीस, शहतूत, मोरपंखी, बांस सहित विभिन्न प्रजातियों के लगभग 500 पौधे लगाने का लक्ष्य रखा गया है। वहीं पौधों की सुरक्षा के लिए 100 लोहे के ट्री गार्ड भी उपलब्ध कराए गए। वन विभाग के अधिकारियों एवं कर्मचारियों ने स्थल का निरीक्षण कर उपयुक्त स्थानों का चयन किया तथा अपने तकनीकी मार्गदर्शन में पौधारोपण कराया। साथ ही पौधों के संरक्षण एवं रखरखाव के संबंध में भी आवश्यक जानकारी दी।
समिति के कार्यकारिणी सदस्य के. डी. शर्मा ने बताया कि यह अभियान केवल एक दिन तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि जब तक सभी 500 पौधों का सफलतापूर्वक रोपण नहीं हो जाता, तब तक यह अभियान निरंतर जारी रहेगा। इसके बाद भी पौधों की सुरक्षा एवं नियमित देखभाल सुनिश्चित की जाएगी, ताकि आने वाले वर्षों में ग्राम नींबूगैर से श्री बद्रीनाथ मंदिर तक का सम्पूर्ण मार्ग हरित एवं आकर्षक स्वरुप प्राप्त कर सके।
इस अवसर पर श्री बद्रीनाथ मंदिर सेवा समिति के अध्यक्ष हरिश्चंद्र ध्यानी के नेतृत्व में के. डी. शर्मा, शिव दत्त ध्यानी, गोपाल दत्त, लक्ष्य, उदियानंद, राजे सिंह, जानकी देवी, बसंत देवी, उमा देवी, चंद्रा देवी, जसुली देवी, नारायण दत्त, पुष्पा देवी, शंकर दत्त एवं हीरा देवी सहित समिति के पदाधिकारियों एवं ग्रामवासियों ने सक्रिय सहभागिता कर अभियान को सफल बनाया।
वन विभाग की ओर से वनाधिकारी विजय सिंह, पूरन सिंह नेगी सहित अन्य अधिकारियों एवं कर्मचारियों ने कार्यक्रम में सहभागिता करते हुए पौधारोपण कराया तथा पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया।
इस अवसर पर समिति के कार्यकारिणी सदस्य के. डी. शर्मा ने कहा कि उनका उद्देश्य केवल पौधारोपण करना नहीं, बल्कि प्रत्येक पौधे को सुरक्षित रखकर उसे वृक्ष बनाना है। उन्होंने कहा कि यदि सभी ग्रामवासी मिलकर इस अभियान को सफल बनाते हैं, तो आने वाले वर्षों में श्री बद्रीनाथ मंदिर परिसर एवं मंदिर मार्ग हरियाली से आच्छादित होकर धार्मिक पर्यटन और पर्यावरण संरक्षण का एक आदर्श उदाहरण बनेगा।
अंत में श्री बद्रीनाथ मंदिर सेवा समिति ने इस सफल अभियान के लिए वन प्रभाग रानीखेत के समस्त अधिकारियों एवं कर्मचारियों का हार्दिक आभार एवं धन्यवाद व्यक्त किया। समिति ने कहा कि वन विभाग के सहयोग, मार्गदर्शन एवं सक्रिय सहभागिता से यह अभियान सफलतापूर्वक प्रारंभ हो सका है तथा भविष्य में भी पर्यावरण संरक्षण एवं हरित विकास के लिए यह सहयोग निरंतर मिलता रहेगा।
रिपोर्टर – रिया सोलीवाल








