भरसोली के सिद्धेश्वर महादेव प्राचीन देवालय में पद्म पुराण कथा का चौथा दिवस, पाताल खंड एवं उत्तराखंड महात्म्य का हुआ भावपूर्ण वर्णन।
स्याल्दे/भिकियासैंण (अल्मोड़ा)। विकासखंड स्याल्दे के भरसोली स्थित सिद्धेश्वर महादेव प्राचीन देवालय में देवालय संस्था के तत्वावधान में आयोजित पद्म पुराण कथा के चतुर्थ दिवस पर श्रद्धा एवं भक्तिभाव के साथ धार्मिक आयोजन संपन्न हुआ। कार्यक्रम में मुख्य यजमान सुदान सिंह महेरा एवं उनकी धर्मपत्नी जानकी देवी महेरा ने विधि-विधान के साथ पूजा-अर्चना कर कथा का शुभारंभ कराया।
कथा व्यास नन्दा वल्लभ पन्त ने पद्म पुराण के माध्यम से पाताल खंड एवं उत्तराखंड महात्म्य का विस्तृत वर्णन किया। उन्होंने दंडकारण्य में भगवान श्रीराम, हनुमान, सुग्रीव और विभीषण के माता सीता से पुनर्मिलन के प्रसंग का भावपूर्ण एवं रोचक वर्णन किया, जिसे सुनकर उपस्थित श्रद्धालु भाव-विभोर हो गए।
कथा के दौरान श्रद्धालुओं ने धर्म, संस्कृति एवं सनातन परंपराओं से जुड़े प्रसंगों का श्रवण कर आध्यात्मिक लाभ प्राप्त किया।
इस अवसर पर संस्था के अध्यक्ष महेन्द्र सिंह बंगारी सहित बचें सिंह बंगारी, कैलाश ढौडियाल, हीरा सिंह बंगारी, प्रियाशु बंगारी, तारा दत्त चतुर्वेदी, राजेन्द्र सिंह बंगारी, कुन्दन सिंह पालीवाल, लक्की प्रताप सिंह बंगारी, खुशहाल सिंह बंगारी सहित अनेक श्रद्धालु एवं सहयोगकर्ता उपस्थित रहे।
रिपोर्टर – रिया सोलीवाल










