पद्म पुराण कथा के षष्ठम दिवस यमराज-नचिकेता के दान प्रसंग का हुआ भावपूर्ण वर्णन।
स्याल्दे/भिकियासैंण (अल्मोड़ा)। विकासखंड स्याल्दे के भरसोली में सिद्धेश्वर महादेव प्राचीन देवालय संस्था द्वारा आयोजित पद्म पुराण कथा के षष्ठम दिवस के मुख्य यजमान कुन्दन सिंह मेहता एवं उनकी धर्मपत्नी मंजू देवी मेहता रहे। उन्होंने विधि-विधान से पूजा-अर्चना कर कथा का शुभारंभ किया।
तत्पश्चात कथा व्यास नंदा वल्लभ पंत ने पद्म पुराण के माध्यम से महाराजा परीक्षित को शुकदेव द्वारा भक्ति से सरोकार कराने, श्रृंगी ऋषि को तक्षक सर्प द्वारा मृत्यु के भय से मुक्त होकर दिव्य लोक प्राप्त करने तथा यमराज और नचिकेता के दान प्रसंग का सुंदर एवं भावपूर्ण वर्णन किया। कथा के दौरान उन्होंने यह भी बताया कि मृत्यु के बाद जीव की क्या गति होती है और यमराज-नचिकेता संवाद के माध्यम से धर्म, दान एवं मोक्ष का गूढ़ संदेश श्रद्धालुओं को प्रदान किया गया।
इस अवसर पर संस्था के अध्यक्ष महेन्द्र सिंह बंगारी, मधुली देवी भिरकनी, नंदा वल्लभ भट्ट, प्रताप सिंह डंगवाल, बचें सिंह बंगारी, कैलाश ढौंडियाल, हीरा सिंह बंगारी, प्रियाशु बंगारी, तारा दत्त चतुर्वेदी, राजेन्द्र सिंह बंगारी, कुन्दन सिंह पालीवाल, लक्की प्रताप सिंह बंगारी, खुशहाल सिंह बंगारी सहित अनेक श्रद्धालु एवं सहयोगकर्ता उपस्थित रहे।
रिपोर्टर – रिया सोलीवाल










