भगवान शिव के शक्तिशाली वीरभद्र अवतार का कथा में हुआ सुंदर वर्णन।
स्याल्दे/भिकियासैंण (अल्मोड़ा)। जय महाकाल सेवा समिति भरसोली द्वारा आयोजित शिव महापुराण कथा के चतुर्थ दिवस के मुख्य यजमान गोविन्द सिंह बंगारी एवं उनकी धर्मपत्नी नीतू देवी बंगारी द्वारा विधि-विधान से पूजा-अर्चना की गई।
तत्पश्चात कथा व्यास नन्दा वल्लभ पन्त द्वारा शिव महापुराण कथा में भगवान शिव के वीरभद्र अवतार का सुंदर वर्णन किया गया।
उन्होंने बताया कि जब माता सती ने अपने पिता दक्ष के यज्ञ में अपने पति भगवान शिव का अपमान सहन न करके प्राण त्याग दिए, तब भगवान शिव अत्यंत क्रोधित हुए। उन्होंने अपनी एक जटा उखाड़कर उसे जमीन पर पटक दिया। उस जटा से महाभयंकर वीरभद्र और भद्रकाली प्रकट हुए और उन्होंने दक्ष के यज्ञ को तहस-नहस कर दिया।
कथा व्यास द्वारा भगवान शिव के वीरभद्र अवतार की कथा का सुंदर एवं विस्तारपूर्वक वर्णन किया गया, जिसे श्रद्धालुओं ने भक्तिभाव से सुना।
आयोजन को सफल बनाने में संस्था के अध्यक्ष प्रताप सिंह ड़गवाल, महेन्द्र सिंह बंगारी, रामदत्त दत्त ढौंडियाल, बालम सिंह बंगारी, कैलाश ढौंडियाल, हीरा सिंह बंगारी, कुन्दन सिंह महेत्ता, लक्की प्रताप सिंह बंगारी, खुशहाल सिंह बंगारी, इंद्र सिंह महेरा, बचें सिंह बंगारी, मनोज चन्द्र जोशी आदि जुटे रहे।
रिपोर्टर – रिया सोलीवाल













