टनकपुर प्रकरण पर शिक्षकों में रोष, खटीमा महाविद्यालय से उच्च शिक्षा निदेशालय को भेजा ज्ञापन।
खटीमा (उधम सिंह नगर)। राजकीय महाविद्यालय टनकपुर में छात्रसंघ चुनाव के बाद शिक्षकों एवं महिला शिक्षिकाओं के साथ हुए कथित अभद्र व्यवहार तथा महाविद्यालय परिसर में शिक्षकों को पूरी रात महाविद्यालय के भीतर बंधक बनाकर रखने और इससे उत्पन्न सुरक्षा संबंधी परिस्थितियों को लेकर राजकीय महाविद्यालय खटीमा के शिक्षकों एवं कर्मचारियों ने प्राचार्य प्रो. सुनील कुमार कटियार के माध्यम से उच्च शिक्षा निदेशक को ज्ञापन प्रेषित किया।
ज्ञापन में शिक्षकों ने कहा कि महाविद्यालय केवल शिक्षा प्रदान करने का केंद्र नहीं, बल्कि अनुशासन, लोकतांत्रिक मूल्यों एवं गरिमापूर्ण शैक्षणिक वातावरण के निर्माण का आधार हैं। ऐसे में शिक्षकों की सुरक्षा, सम्मान और संस्थागत गरिमा सुनिश्चित किया जाना आवश्यक है।
शिक्षकों ने कहा कि इस मामले को लेकर पूरे प्रदेश में रोष है और प्रत्येक महाविद्यालय से इस संबंध में कार्रवाई की मांग उठ रही है।



छह प्रमुख बिंदुओं पर कार्रवाई की मांग:
शिक्षकों ने अपने ज्ञापन में छह प्रमुख बिंदुओं पर की कार्रवाई की मांग —
1- टनकपुर की घटना के दोषी विद्यार्थियों को चिन्हित कर उनके विरुद्ध नियमानुसार कठोर कार्रवाई की जाए तथा चिन्हित उपद्रवी तत्वों को महाविद्यालय से Rusticate किया जाए।
2- राजकीय महाविद्यालयों में कार्यरत प्राध्यापकों एवं कर्मचारियों की सुरक्षा के लिए प्रभावी व्यवस्था सुनिश्चित की जाए तथा आवश्यकता पड़ने पर स्थानीय प्रशासन एवं पुलिस का सहयोग लिया जाए।
3- छात्रसंघ चुनावों के महाविद्यालयों के शैक्षणिक वातावरण, शिक्षा, शोध एवं प्रशासन पर पड़ने वाले सकारात्मक एवं नकारात्मक प्रभावों की निदेशालय स्तर पर व्यापक समीक्षा कराई जाए।
4- यदि छात्रसंघ चुनाव स्थगित किए जाते हैं तो विद्यार्थियों में लोकतांत्रिक मूल्यों, संवैधानिक समझ एवं नेतृत्व क्षमता विकसित करने के लिए Student Councils/Nominated Bodies जैसी वैकल्पिक व्यवस्था पर विचार किया जाए।
5- छात्रसंघ चुनाव से संबंधित शासनादेश एवं प्रक्रिया की समीक्षा करते हुए महाविद्यालयों के शैक्षणिक एवं अकादमिक वातावरण को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाए तथा आवश्यक प्रशासनिक सुधार किए जाएं।
6- निदेशालय स्तर से प्रदेश के प्रत्येक महाविद्यालय से Review Report मंगाई जाए, जिसमें छात्रसंघ चुनाव के महाविद्यालय के शैक्षणिक एवं प्रशासनिक वातावरण पर पड़े सकारात्मक अथवा नकारात्मक प्रभाव का स्पष्ट आकलन हो।
शिक्षकों ने कहा कि लोकतांत्रिक संवाद एवं छात्र हितों का सम्मान करते हुए भी शिक्षक की गरिमा, सुरक्षा और महाविद्यालय की शैक्षणिक मर्यादा से समझौता नहीं किया जा सकता। उन्होंने उच्च शिक्षा निदेशालय एवं शासन से ज्ञापन में उठाए गए बिंदुओं पर गंभीरतापूर्वक विचार करते हुए आवश्यक कार्रवाई की अपेक्षा की।
राजकीय महाविद्यालय खटीमा के प्राचार्य को शिक्षकों एवं कर्मचारियों द्वारा सौंपे गए इस ज्ञापन के माध्यम से महाविद्यालयों में सुरक्षित, अनुशासित एवं गरिमापूर्ण शैक्षणिक वातावरण सुनिश्चित करने की मांग प्रमुखता से उठाई गई।
प्राचार्य प्रो. सुनील कुमार कटियार को ज्ञापन सौंपने वालों में डॉ. बृजेश सिंह, डॉ. गिरधर जोशी, डॉ. संजय गंगवार, डॉ. जगवती, डॉ. सरिता कालाकोटी, डॉ. कुलदीप जोशी, डॉ. हेम उपाध्याय, डॉ पिंकी भट्ट, डॉ. सुरेंद्र पड़ियार सहित महाविद्यालय के अन्य शिक्षक एवं कर्मचारी शामिल रहे।
रिपोर्टर – रिया सोलीवाल






