एसएसजे विश्वविद्यालय के गठन के बाद हिंदी विभाग की पहली पीएचडी मौखिक परीक्षा संपन्न।
शोधार्थी रविंद्र कुमार ने हासिल की महत्वपूर्ण उपलब्धि, ओमप्रकाश वाल्मीकि के साहित्य में सामाजिक चेतना विषय पर किया शोध।
अल्मोड़ा। सोबन सिंह जीना विश्वविद्यालय के गठन के बाद अल्मोड़ा परिसर के हिंदी विभाग में पीएचडी की पहली मौखिक परीक्षा सफलतापूर्वक संपन्न हुई। इस ऐतिहासिक अकादमिक अवसर पर हिंदी विषय के शोधार्थी रविंद्र कुमार की मौखिक परीक्षा आयोजित की गई। विश्वविद्यालय के हिंदी विभाग के लिए यह उपलब्धि विशेष महत्व रखती है।
मौखिक परीक्षा में बाह्य परीक्षक के रुप में हेमवती नंदन बहुगुणा गढ़वाल विश्वविद्यालय, श्रीनगर के हिंदी विभाग की प्रोफेसर गुड्डी बिष्ट उपस्थित रहीं। शोधार्थी रविंद्र कुमार ने अपना शोध कार्य डॉ. अमिता प्रकाश के कुशल निर्देशन में पूर्ण किया। उनके शोध का विषय “ओमप्रकाश वाल्मीकि के साहित्य में सामाजिक चेतना” रहा। शोध में सुप्रसिद्ध दलित साहित्यकार ओमप्रकाश वाल्मीकि की साहित्यिक रचनाओं के माध्यम से अभिव्यक्त सामाजिक चेतना, जातिगत भेदभाव, सामाजिक विषमता तथा समानता और मानवीय गरिमा के प्रश्नों का विश्लेषण किया गया।
उल्लेखनीय है कि रविंद्र कुमार वर्तमान में राजकीय महाविद्यालय भतरौंजखान में हिंदी विषय के सहायक प्राध्यापक के पद पर कार्यरत हैं। शिक्षण कार्य के साथ-साथ शोध के क्षेत्र में उनकी यह उपलब्धि अकादमिक जगत के लिए महत्वपूर्ण है।
विश्वविद्यालय के गठन के पश्चात हिंदी विभाग में पहली पीएचडी मौखिक परीक्षा के सफल आयोजन पर उपस्थित प्राध्यापकों एवं शोधार्थियों ने प्रसन्नता व्यक्त की। सभी ने रविंद्र कुमार को इस महत्वपूर्ण उपलब्धि पर हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं देते हुए उनके उज्ज्वल शैक्षणिक, शोध एवं साहित्यिक जीवन की कामना की।
इस अवसर पर सोबन सिंह जीना विश्वविद्यालय के शोध एवं परिसर निदेशक तथा हिंदी विभागाध्यक्ष प्रोफेसर जगत सिंह बिष्ट, हिंदी विभाग के सहायक प्राध्यापक डॉ. तेजपाल सिंह, डॉ. माया गोला, डॉ. बचन लाल, भूगोल विभाग से डॉ. दीपक कुमार, वनस्पति विज्ञान विभाग से डॉ. धनी आर्या, डॉ. प्रेम प्रकाश, डॉ. आशा शैली एवं डॉ. ललित जोशी उपस्थित रहे।
इसके अतिरिक्त हिंदी विभाग के शोधार्थियों में प्रकाश चंद्र आर्या, इंद्र कुमार आर्या, अखिलेश कुमार टम्टा, सोनम टम्टा, चिंकी सिंह, राहुल, करन सिंह, किरन पुरोहित, ऋषिकेश कुमार, नेहा एवं आशा सैनी सहित अन्य शोधार्थी उपस्थित रहे।
रिपोर्टर – रिया सोलीवाल








