शोपीस बन कर रह गया स्याल्दे का औद्यौगिक प्रशिक्षण संस्थान सरकारी भवन।
भिकियासैंण/स्याल्दे। विकासखण्ड स्याल्दे के राजकीय औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान स्याल्दे का भवन केवल शोपीस रह कर बन गया है। आज मात्र एक ही ट्रेड बन कर रह गया है। स्याल्दे के व्यापार मण्डल अध्यक्ष दर्शन जोशी ने बताया कि सन् 1988 में स्याल्दे में आईटीआई पाँच ट्रेडो के साथ खोला गया था, लेकिन कुछ साल तक प्रशिक्षण का कार्य अच्छा हुआ, जिसमे संस्थान के पूरे कर्मचारी न्युक्त थे, आज आलम यह है कि अव वर्तमान में उक्त संस्थान की हालत खस्ताहाल बन गई है, केवल एक ही ट्रेड सौर्ट हैन्ड रह गया है, उसमे भी पूर्ण स्टाफ नही है।

उक्त भवन 238.40 लाख रुपये कि लागत से भवन बना है, जो बदहाली कि खाक छान रहा है। वही फोरमैन प्रेम सिह ने बताया स्टोर में सारा सामन है जो जंग खा रहा है, स्टाफ में रेगुलर पाँच कर्मचारी है, पाँच उपनल के बाहर के कर्मचारी है, बाबू का पद भी रिक्त है ऐसे में कैसे चलेगा। पूर्व मे किसी समय लगभग पाँच ट्रेड इलैक्ट्रोनिक्स, हिन्दी सौर्ट हैन्ड, कडाई बुनाई, वायर मैन, कारपेन्टर चलाने वाला संस्थान था, लेकिन आज मात्र एक ट्रेड पर सिमट गया है।

बताया गया कि पहले एससीवीटी के के तहत पाँच ट्रेड चलते थे, लेकिन अव एनसीवीटी के तहत सौर्ट हैन्ड ही चलता है, जो केन्द्र सरकार द्वारा संचालित है। वास्तव में कभी भविष्य में इसका निजीकरण भी कर दिया गया तो उसकी भी अनदेखी ही होगी। भवन वर्ष 2017 में संस्थान के अधीन किया गया लेकिन बह एक दिखावा है। पूरे ट्रेड नही होने के कारण पूरे क्षेत्र में नाराजगी है। वही विभाग द्वारा अनदेखी के आरोप भी जनता द्वारा लगाये जाते है। आखिर इस संस्थान का भविष्य कब तक अधर में लटके रहेगा, यह तो सरकार ही बता पायेगी।
रिपोर्टर- एस. आर. चन्द्रा भिकियासैंण










