विकासखंड स्याल्दे के ईकूखेत का डाक बंगला बिना देखरेख के पड़ा विरान, विभाग हुआ मौन।

– एस. आर. चन्द्रा भिकियासैंण

भिकियासैंण/स्याल्दे। क्षेत्र के दर्जनों व बाहरी गणमान्य व अधिकारियों को आराम देने वाला पीडब्लूडी विभाग ईकूखत का गेस्ट हाऊस सफेद हाथी की तरह विरान पड़ा है। विकासखंड स्याल्दे के सुदूरवर्ती क्षेत्र इकूखेत में पीडब्लूडी विभाग का गैस्ट हाऊस कई समय से विरान व लावारिस स्थिति में पड़ा है। आज डाक बंगले की स्थिति ऐसी हो गई है, जहाँ पर वीआईपी लोगों का रैन बसेरा होता था, वंहा आज आवारा जंगली जानवरो का रैन बसेरा बन गया है। वहां पर न तो पानी कि व्यवस्था है, और न ही ठीक से रहने कि व्यवस्था है।

इस गैस्ट हाऊस में यहाँ तक कि कोई चौकीदार भी नहीं रहता है, गैस्ट हाऊस परिसर में अराजक तत्वों द्वारा नशीले सामान का कूड़ा फैलाया जाता है, एक तरफ से अराजक तत्वों का जमावाड़ा बनने जा रहा है। लाखों की सम्पति का ग्वाला गुसाई नहीं होने से नशेड़ी तत्वों का बैठने का इन्तजाम जरुर बन गया है। स्थानीय जनप्रतिनिधि सुनील टम्टा ने बताया की उक्त संदर्भ में कई बार पहले भी माननीय मुख्यमंत्री जी को पत्र भेज कर अवगत करा दिया है कि उक्त गैस्ट हाऊस में सन् 1977 से चौकीदार व स्वच्छक का पद खाली पड़ा है। पहले यहाँ बेलदार से व्यवस्था संचालित होती थी, लेकिन सेवानिवृत होने से लगभग दो वर्षों से यहाँ देखरेख करने वाला कोई नहीं है, जब कि इस निरीक्षण भवन में उच्च अधिकारी व प्रदेश के प्रतिनिधी लोग आ कर यहाँ ठहरते है। यहीं नहीं साथ ही यहां सामाजिक व राजनीतिक दलों की बैठकों का दौर भी चलते रहता है, लेकिन यहाँ कोई कर्मचारी नहीं होने के कारण इस भवन का रखरखाव नहीं हो पा रहा है।

आज यह भवन जीर्ण – शीर्ण होने के कगार पर पहुंच गया है। उक्त विषय में सुनील टम्टा ने कहा कि विभाग के जेई से इस बारे में बात भी हुई, लेकिन आश्वासनों तक ही सीमित रहा है। अब लोकसभा चुनाव होने वाले है ऐसे में कैसे अधिकारी यहाँ ठहरंगे, यह बहुत बड़ा सोचनीय प्रश्न है। क्षेत्र के राज्य आन्दोलनकारी राजेन्द्र नेगी, पूर्व क्षेत्र पंचायत सदस्य जगत सिंह सेरा, ब्लॉक प्रमुख स्याल्दे करिश्मा टम्टा, प्रधान कलझीपा प्रताप सिंह रजवार, पूर्व प्रधान जोगा सिंह, पूर्व क्षेत्र पंचायत सदस्य व पूर्व प्रधान मनवर सिंह, पूर्व मंडल अध्यक्ष कैलाश लखेड़ा सहित कई जनप्रतिनिधियों ने शीघ्र ही उक्त गैस्ट हाऊस की शासन – प्रशासन से तुरन्त देखरेख करने की मांग की है।

रिपोर्टर- एस. आर. चन्द्रा भिकियासैंण

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