राष्ट्रीय सेवा योजना विशेष शिविर में व्यक्तित्व विकास, राजनीतिक अधिकार एवं महिला सशक्तिकरण विषय पर व्याख्यान का किया आयोजन।
भिकियासैंण/अल्मोड़ा। राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय कुणीधार, मानिला की राष्ट्रीय सेवा योजना के तत्वावधान में आयोजित सात दिवसीय विशेष शिविर 14 मार्च से 20 मार्च, 2024 का पंचम दिवस स्वयंसेवियों के लिए रोचक, ज्ञानवर्द्धक एवं कौतूहल भरा रहा। अन्य दिन की तरह पांचवे दिन का प्रातः कालीन सत्र कार्यक्रम अधिकारी डॉ. गार्गी लोहनी के निर्देशन में स्वयंसेवियों द्वारा प्रातः वंदना के साथ आरंभ हुआ तत्पश्चात लक्ष्यगीत का गायन किया। इसी सत्र में आयुष सती द्वारा चौथे दिन के कार्यक्रमों का प्रतिवेदन प्रस्तुत किया गया, रितिका ने दैनिक समाचार पत्र की प्रमुख खबरों का वाचन किया एवं गौरव कुमार के निर्देशन में योगाभ्यास कराया गया।

दिन के दूसरे सत्र में स्वयंसेवियों ने शिविर स्थल से ग्राम सभा कुणीधार के ‘खत्ता’ ग्राम तक स्वच्छता, पर्यावरण संरक्षण, साक्षरता, नशा मुक्ति हेतु जनजागरुकता रैली का आयोजन किया। तत्पश्चात खत्ता ग्राम के ग्रामीणों की सामाजिक-आर्थिक स्थिति समझने हेतु स्वयंसेवियों द्वारा साक्षात्कार अनुसूची में निहित प्रश्नों के आधार पर सर्वे कार्य पूर्ण किया गया। सामाजिक-आर्थिक सर्वे के बारे में कार्यक्रम अधिकारी डॉ. गार्गी लोहनी ने कहा किसी भी समाज की सामयिक समस्याओं को समझने एवं उसके समाधान की दिशा तलाशने में उस समाज का सामाजिक-आर्थिक सर्वे अत्यन्त महत्वपूर्ण होता है।
दिन के तीसरे सत्र का आरंभ भोजन के बाद हुआ जिसमें स्वयंसेवियों को व्यक्तित्व विकास, राजनीतिक अधिकार एवं महिला सशक्तिकरण विषय पर व्याख्यान का आयोजन किया गया। इस सत्र के प्रमुख वक्ता डॉ. गोरखनाथ ने स्वयंसेवियों को व्यक्तित्व विकास में राष्ट्रीय सेवा योजना की भूमिका विषय पर व्याख्यान दिया जबकि डॉ. रेखा ने नागरिकों के ‘राजनीतिक अधिकार’ एवं ‘महिला सशक्तिकरण’ विषय पर विस्तृत जानकारी दी।
इस दौरान कार्यक्रम अधिकारी डॉ. गार्गी लोहनी, डॉ. शैफाली सक्सेना, श्री भूपाल सिंह, महेश बंगारी, विनोद सिंह, दलीप पाल, देवकी देवी आदि सहित समस्त शिविरार्थी मौजूद रहे। दिन के अंतिम सत्र के दौरान स्वयंसेवियों ने वंदना शर्मा के नेतृत्व में सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किया तथा कार्यक्रम अधिकारी डॉ. गार्गी लोहनी के निर्देशन में ‘सूचना समाज की चुनौतियाँ’ विषय पर विचार गोष्ठी का आयोजन किया गया, जिसमें सभी शिविरार्थियों ने अपने विचार व्यक्त किये।



