सरदार भगत सिंह राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय रुद्रपुर में शहीद-ए-आजम भगत सिंह की शहादत को किया याद।

रुद्रपुर। सरदार भगत सिंह राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय रुद्रपुर में शहीद-ए-आजम भगत सिंह की शहादत को याद करने के क्रम में आज एक कार्यक्रम का आयोजन किया गया। स्वतंत्रता सेनानी उत्तराधिकारी संगठन के संयोजकत्व में आयोजित इस कार्यक्रम का प्रारम्भ महान स्वतंत्रता संग्राम सेनानी विश्वनाथ राय के पुत्र सेवानिवृत कर्नल प्रमोद शर्मा ने किया, उन्होंने सभी युवाओं को आह्वान किया कि वे भगत सिंह के विचारों को उनकी समग्रता में समझें। भगत सिंह के क्रांतिकारी विचारों को समझने के लिए उनको पढ़ना बहुत जरुरी है।

इसके पश्चात महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. डी. सी. पंत ने उपस्थित विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि भगत सिंह का जीवन हमें यह प्रेरणा देता है कि देश के लिए बहुत अच्छा कार्य करने के लंबी उम्र की जरुरत नहीं होती, उन्होंने विद्यार्थियों को आह्वान किया कि वे भगत सिंह के सुझाए गए मार्ग पर चलते हुए देश की प्रगति में अपना योगदान दें। वहीं हिन्दी विभाग के प्रोफेसर शम्भू दत्त पाण्डेय, वाणिज्य एवं प्रबंधन विभाग के प्रभारी प्रोफेसर पी. एन. तिवारी, भगत सिंह सेवा दल के अरुण चुग तथा समाज सेवी बलजीत गाबा ने भी कार्यक्रम को सम्बोधित किया।

साथ ही महाविद्यालय के विद्यार्थी कैलाश चौधरी, तनीषा चावला, सालेहा खातून, प्रशान्त कुमार तथा नेपोलियन ने भगत सिंह के बारे में अपने विचार रखें। तनीशा चावला ने अपने सम्बोधन मे कहा की सरदार भगत सिंह के विचार ही उनके सबसे बड़े हथियार थे, जिसके बल पर उनका सम्पूर्ण जीवन देश और दुनिया में अविस्मरणीय बन गया, वे कहा करते थे की बम – पिस्तौल से कभी क्रांति नहीं आती है, क्रांति की तलवार विचारों की शान पर तेज होती हैं। कैलाश चौधरी ने अपने सम्बोधन में बताया की यदि देश सबसे ऊपर इस भावना को समझ कर भगतसिंह को बहुत जरुरी समझना चाहिए। नेपोलियन ने कहा कि भगत सिंह जन्म से ही क्रांतिकारी थे और उनके जीवन को एक सांचे में ढालने का बहुत बड़ा योगदान रहा है। वें बचपन से ही किताबों के प्रति रुझान रखते थे और जैसे ही वे बड़े हुए उन्होंने अपने पढ़ने का दायरा भी बड़ा किया। सालेहा खातून ने भगत सिंह की वीरता की गाथाओं को हमारे बीच साझा किया वही प्रशांत ने देश के प्रति युवाओं का फर्ज समझाया।

कार्यक्रम का संचालन महाविद्यालय की एन. सी. सी. प्रभारी इतिहास विभाग की असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ. अपर्णा सिंह ने किया। इस कार्यक्रम में समाजशास्त्र विभाग की प्रोफेसर हेमलता सैनी, प्रोफेसर रवीन्द्र कुमार सैनी, डॉ. राजेश कुमार सिंह, डॉ. अंचलेश कुमार, डॉ. वकार हसन खान के साथ ही महाविद्यालय के छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे।

रिपोर्टर- एस. आर. चन्द्रा भिकियासैंण

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