दिल्ली नगर निगम की अनदेखी से बढ़ी गंदगी।
निगम में “आप” की सरकार बनने के बाद दिल्ली में जगह-जगह कूड़े के ढेर, नालों की सफाई नहीं होने से बदबू और महामारी में बढ़ोतरी होती आई नज़र। (विशेष संवाददाता – कुन्दन)
दक्षिणी दिल्ली। दिल्ली नगर निगम चुनाव से पहले आम आदमी पार्टी ने दावा किया था कि निगम में “आप” की सरकार बनने के बाद दिल्ली को चमन बना दिया जायेगा। दिल्ली नगर निगम चुनाव आम आदमी पार्टी ने दिल्ली से कूड़े के ढेरों को ख़त्म करना, दिल्ली से गन्दगी खतम करने जैसे मुद्दों पर चुनाव जीता, लेकिन निगम में “आप” की सरकार बनने के बाद दिल्ली में गंदगी के बढ़ोतरी देखी जा सकती है। दिल्ली में गंदगी का आलम यह है कि जगह – जगह कूड़े के ढेरों पर आवारा पशुओं का जमावड़ा लगा रहता है।
गौरतलब है कि आम आदमी पार्टी ने दिल्ली नगर निगम चुनाव जीतने के बाद जबरदस्त तरीके से निगमकर्मियों और निगम पार्षदों को दिल्ली से कूड़ा ख़त्म करने के लिए खुद मैदान में उतरने का आदेश दिया था। पार्टी के आदेश मिलने पर आम आदमी पार्टी के मंत्री, विधायक, पार्षद और निगमकर्मी जोरशोर से सफाई अभियान के लिए लग गए थे, लेकिन उस अभियान के बाद दिल्ली की हर गली, हर मोहल्ला, हर सड़क पर कूड़े के ढेर ही ढेर दिखाई देने लगे।
वहीं, दक्षिणी दिल्ली के तुग़लकाबाद विधानसभा के तीन वार्डों (हरकेश नगर, तुग़लकाबाद, पुल प्रह्लादपुर) में गन्दगी से हालत ज्यादा दयनीय दिखाई देती है। हरकेश नगर वार्ड में लगभग 30 झुग्गी बस्तियों और फैक्ट्रियां हैं, जिसकी वजह से कूड़ा बहुतायत मात्रा में निकलने से क्षेत्र में कूड़े के ढेर दिखाई देते हैं। ओखला चैम्बर और इंडस्ट्रीज के चेयरमैन अरुण पोपली ने बताया कि इलाके के खाली प्लॉटों में अधिकतर अवैध झुग्गी बस्ती बसी हुई हैं, जो घर से निकलने वाला कूड़ा सड़क के किनारे फेंक देते हैं। वहीं, फैक्ट्रियों से निकलने वाले कूड़े को कॉमर्सिअल कूड़े की श्रेणी में माना जाता है, जिसको उठाने के लिए निगम द्वारा मासिक शुल्क लेकर उठाना होता है परन्तु ओखला में निगम द्वारा इस तरह कोई योजना नहीं दिखाई देती बल्कि कूड़े उठाने वाले टिप्पर फैक्ट्रियों से पैसे लेकर फैक्ट्रियों का कूड़ा उठाते हैं और ओखला अंडरपास हरकेश नगर रोड और सी-40 के समीप बीच रोड पर डाल देते हैं, जिसकी वजह से अनेकों बार कूड़े के ढेरों में आग लग जाती है। स्थानीय लोगों ने बताया कि हरकेश नगर वार्ड में 250 से अधिक सफाईकर्मी तैनात हैं लेकिन काम पर उपस्थित निगमकर्मियों की संख्या पचास प्रतिशत भी नहीं होती है। उन्होंने बताया कि अधिकतर स्थाई निगमकर्मी नहीं आते बल्कि अपने काम को करने के लिए किसी अन्य व्यक्ति को लगा देते हैं। निगमकर्मियों का इलाके में उपस्थित नहीं होने से क्षेत्र की नालियों की सफाई नहीं होने से बदबू ही बदबू आती है, जिसकी जानकारी निगम के अधिकारियों और निगम पार्षद को भी होती है।

पुल प्रह्लादपुर वार्ड में घर से बहार निलकते ही कूड़े के ढेर दिखाना आम बात है। स्थानीय लोगों ने कहा कि वार्ड में पहले भाजपा के पार्षद थे तो इतना कूड़ा नहीं होता था लेकिन आम आदमी पार्टी के पार्षद बनने के बाद ज्यादा गन्दगी होने लगी है। उन्होंने बताया कि पहले वार्ड में कूड़ा उठाने के लिए 8 से 10 टिप्पर चलते थे, जो सुबह समय से इलाके में हूटर बजाते हुए आते थे और घरों से कूड़ा लेकर जाते थे जिससे कूड़े के ढेर कम ही होते थे। लेकिन निगम में आम आदमी पार्टी की सरकार बनने के बाद वार्ड में 3-4 ही पुराने टिप्पर दिखाई देते हैं, उनमे से एक दो किसी न किसी वजह से नहीं चलते। लालकुआं, प्रेमनगर, पुल प्रह्लादपुर के मुख्य मार्गों पर कूड़े के ढेर लगे रहते हैं। इन कूड़े के ढेरों को हटाने के लिए प्रतिदिन निगम पार्षद से संपर्क करना पड़ता है। कूड़े की गाड़ी बिना हूटर बजाए दोपहर 2 बजे सप्ताह में एक-दो बार ही आती है और कूड़े के ढेरों को उठाती है। स्थानीय लोगों ने बताया कि पुल प्रह्लादपुर वार्ड में 225 के लगभग सफाईकर्मी हैं लेकिन उपस्थित निगमकर्मियों की संख्या कम ही रहती है। उन्होंने बताया कि निगमकर्मियों का इलाके में उपस्थित नहीं होने से क्षेत्र की नालियों की सफाई नहीं होती, नालियों से कीड़े निकलने लगे हैं। नालियों से बदबू ही बदबू आती है जिससे महामारी फैलने का डर बना हुआ है। उन्होंने बताया कि जी ब्लॉक मन्दिर के पीछे नाली सफाई नहीं होने से बंद पड़ी है, पता ही नहीं चलता कि नाली किधर है। जिसकी शिकायत निगम के अधिकारियों और निगम पार्षद दी गयी है, लेकिन कोई ठोस कार्यवाही नहीं की गई।
तुग़लकाबाद वार्ड के गोलकुआं कैंप में नालियों की सफाई नहीं होने से बदबू ही बदबू आती है और नाली के कीड़े घरों में घुस रहे हैं। भीषण गर्मी के मौसम में नालियां जाम हैं और नालियों का गन्दा पानी गलियों में फैलता है। जगह – जगह कूड़े के ढेर बीच सड़क पर दिखाई देते है। वहीं, आवारा पशुओं के जमावड़ा भी कूड़े के ढेरो पर मंडराता रहता है। कई बार आवारा पशुओं की वजह से वाहन चालकों और कूड़ा फेंकने आने वालों को चोट भी लग जाती है।



