सरस्वती वंदना के साथ हुआ सात दिवसीय गायन, वादन कार्यशाला का शुभारम्भ।
भिकियासैंण (अल्मोड़ा)। विकासखंड भिकियासैंण के राजकीय आदर्श प्राथमिक विद्यालय बासोट में आयोजित सात दिवसीय गायन, वादन कार्यशाला का शुभारम्भ सरस्वती की प्रतिमा पर दीप प्रज्वलन व सरस्वती माँ की वंदना के साथ किया गया।दीप प्रज्वलन विद्यालय के संरक्षक व सेवानिवृत्त प्रधानाध्यापक नन्दकिशोर उप्रेती, रामदत्त उप्रेती, मोहनचन्द गड़ाकोटी, त्रिभुवन सिंह जलाल, गीता उप्रेती, सन्तोषी देवी द्वारा किया गया।
इस प्रकार की गायन, वादन की सात दिवसीय कार्यशाला का क्षेत्र में यह पहला नवाचारी प्रयास है। इसके उपरान्त गायन में मुख्य प्रशिक्षक नन्दकिशोर उप्रेती, त्रिभुवन सिंह जलाल, मोहनचन्द गड़ाकोटी, कु. मीनाक्षी जलाल द्वारा बच्चों को सरस्वती वंदना गायन का अभ्यास कराया। सभी बच्चों को सर्वप्रथम वंदना को लय में गाने का सामुहिक अभ्यास हारमोनियम, ढोलक, तबले की संगत के साथ कराया।
कार्यशाला में मुख्य प्रशिक्षक त्रिभुवन सिंह जलाल, नन्दकिशोर उप्रेती, मोहनचन्द गड़ाकोटी द्वारा माँ शारदे की वंदना “माँ शारदे कहाँ तू वीणा बजा रही है।” “हर वेश में तू, हर वेश में तू”, संस्कृत वंदना “रवि रुद्र पितामह विष्णुनुतं”, कुमाउनी वंदना “मैय्या शारदे, दी दे भागी यो वरदाना, ओ मैय्या शारदे”, समूहगान “हिन्द देश के निवासी, सभी जन एक हैं।” राष्ट्रगान “जन गण मन” का अभ्यास पारंपरिक वाद्ययंत्रो हारमोनियम, तबला, ढोलक के साथ कराया गया। कु. मीनाक्षी जलाल द्वारा “उत्तराखंड मेरी मातृभूमि” वंदना हारमोनियम के साथ अपनी प्रस्तुति दी।
इसके उपरांत मुख्य प्रशिक्षण त्रिभुवन सिंह जलाल द्वारा सभी बच्चों को सरगम की जानकारी देने के साथ हारमोनियम पर बारी – बारी से “सा रे गा मा प धा नि सा” का अभ्यास कराया गया। इस कार्यशाला में क्षेत्र के विभिन्न विद्यालयों से 26 बच्चों ने शिरकत की। कार्यशाला को सफल बनाने व सहयोग के लिए कार्यशाला संयोजक कृपाल सिंह शीला, खंड शिक्षा अधिकारी भिकियासैंण डॉ. रवि मेहता, डॉ. सूरज सिंह नेगी वरिष्ठ राजस्थान प्रशासनिक अधिकारी, हरसिंह मनराल, हरीश खुल्बै, विद्यालय के प्रधानाध्यापक डी. एस. गिरी, उदय किरौला, रमेश सोनी, रमेश हितैषी, पवन कुमार, डॉ. नवीन जोशी, हेमन्त कुमार, हरीश चन्द्र जोशी व सभी अभिभावक सहयोग दे रहे है। प्रथम दिवस कार्यशाला के सफल संचालन में गीता उप्रेती, मोहनचन्द गड़ाकोटी, रामदत्त उप्रेती, सुनीता देवी, आँगनबाड़ी कार्यकत्री देवन्ती देवी, सन्तोषी देवी द्वारा विशेष सहयोग प्रदान किया गया।



