उपजिलाधिकारी जिला नैनीताल को प्राईवेट अस्पतालों के विषय में सौंपा गया ज्ञापन।

नैनीताल। उपजिलाधिकारी जिला नैनीताल को प्राईवेट अस्पतालों को लेकर ज्ञापन सौंपा गया है।

हल्द्वानी शहर में प्राईवेट अस्पतालों का मेला लगा हुआ है जिसमें आये दिन संगीन मामले सामने आते हैं चाहे व महिला उत्पीड़न से जुड़ा हो या किसी गरीब व्यक्त्ति जो इनके पास आता है उसे लुटने का मामला हों। प्राईवेट अस्पतालों का यह कारोबाग आम जनता की कमर तोड़ रहा है एवं आम जनता की मेहनत की कमाई को यह प्राईवेट अस्पताल व इनसे संबंधित लोग इनसे मोटी कमाई कर अपनी चल-अचल संपत्ती जोड़ रहे हैं। कोई व्यक्ति ईलाज के लिए पहाड़ों से इन अस्पतालों में आता है तो वह अपना घर-बार बेचकर व अपनी जिंदगी भर की जमा पूंजी लेकर इनके पास आता है, यह लोग उसे लुटकर अपनी जेबे भरते हैं, उसके बाद भी इनका मन नहीं भरता और न ही मरीज का पूर्णतः उपचार किया जाता है व कहा जाता है कि दिल्ली ले जाकर उपचार कराएं।

मैं आपके संज्ञान में लाना चाहता हूं कि कोई भी व्यक्ति अपने मकान का नक्शा पास कराने प्रशासन के पास पहुँचता है तो उसे भानको के कायदों व कानूनों के तले दबा दिया जाता है परंतु बात करें इन प्राईवेट अस्पतालों की तो इनके ऊपर यह नियम लागू नहीं होते हैं आये दिन शहर में एक नया अस्पातल खुल रहा है जिनके मानक तो छोड़िये, इनकी जमीनों के कागजात तक पूरे नहीं हैं। इन अस्पतालों के पास न तो पार्किंग सुविधा है और ऊपर से यह प्राईवेट अस्पताल 12 से 15 फिट की संगीन सड़कों में संचालित हैं जिससे वहां रह रहे लोगों व मरीजों के तीरगदारों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। इन प्राईवेट अस्पतालों में मरीजों से लेने वाले शुल्कों में कोई पाबंदी नहीं है, हर अस्पताल का अपना एक मनचाहा शुल्क है। इन अस्पतालों के प्राईवेट कमरों की बात करें तो उनका शुल्क एक 5 स्टार होटल के कमरे से भी महंगा है।

मेरा आपसे निवेदन है कि इन सभी प्राईवेट अस्पतालों की मनचाही व जनता से लूटी गई कमाई पर अंकुश लगाया जाए और इन सभी प्राईवेट अस्पतालों के मानकों को देखकर इनकी इमारतों की जांच कराई जाएं, जिससे की भविष्य में यह लोग सड़कों एवं अन्य जगहों पर अतिक्रमण न कर सकें एवं किसी भी मध्यम वर्ग व्यक्ति को उत्पीड़न न हों।

ज्ञापन देने वालों में छात्रसंघ सचिव कमल बोरा, दीपांशु भंडारी, अभिषेक गोस्वामी धीरज गरकोटी, आर्यन, रोहित, शिप्रा, विभूति है।

रिपोर्टर- एस. आर. चन्द्रा भिकियासैंण

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