राजकीय महाविद्यालय लमगड़ा (अल्मोड़ा) में स्पर्श गंगा दिवस के अवसर पर एक दिवसीय शिविर का किया गया आयोजन।
अल्मोड़ा। राजकीय महाविद्यालय लमगड़ा (अल्मोड़ा) में स्पर्श गंगा दिवस के उपलक्ष्य पर महाविद्यालय में राष्ट्रीय सेवा योजना प्रकोष्ठ द्वारा एक दिवसीय सामान्य शिविर का आयोजन किया गया, जिसमें स्वयं सेवकों द्वारा जागरुकता अभियान का प्रारम्भ श्रमदान कर महाविद्यालय परिसर को स्वच्छ करके किया गया। वहाँ पर एकत्र कूड़े-करकट, प्लास्टिक और पौधों में हो रहे खरपतवार की सफाई की गई, तत्पश्चात् स्वयं सेवकों द्वारा महाविद्यालय परिसर के निकट के धारे और अमृत सरोवर के पास कूड़े-करकट और उसके आस-पास जमी घास को उखाड़ कर साफ किया गया।

प्राचार्य के निर्देशन में स्वयं सेवकों द्वारा महाविद्यालय से धारे और अमृत सरोवर होते हुए बाजार तक नदियों के रख-रखाव एवं स्वच्छता हेतु जागरुकता रैली निकाली गई। साथ ही कार्यक्रम अधिकारी डॉ. रेनू जोशी ने स्वयं सेवकों को जल संरक्षण और प्रबन्धन पर विस्तृत चर्चा करते हुए कहा कि नमामि गंगे कार्यक्रम भारत सरकार द्वारा गंगा नदी को पुर्नजीवित और स्वच्छ बनाने के लिए शुरु की गई एक व्यापक पहल है क्योंकि इसका उद्देश्य नदी की पारिस्थितिक स्वास्थ्य को बहाल करना जल की गुणवत्ता में सुधार करना और इसके किनारों के साथ समग्र पर्यावरण को बेहतर बनाना है। हमें नदी के प्रदुषण और क्षरण को दूर करना है जिससे इसका संरक्षण और पुनरुद्वार हो सकें, हमें नदी की सतह से तैरते अपशिष्ठों को हटाने का प्रयास करना चाहिए।
जल संरक्षण में जनता को शिक्षित कर अपने प्रयासो में शामिल करना है। हमें नदी तक पहुँचने वाले सीवेज को रोकना है, जिससे जल को स्वच्छ रखा जा सकें। नदी के किनारे वन उत्पादकता और विविधता को बढ़ाने के प्रयास कर लोगों को जागरुक करना आवश्यक है। नदी संरक्षण की चुनौती बहु क्षेत्रीय और बहु आयामी है तो हम सभी को हमारी सभ्यता, संस्कृति और विरासत की प्रतीक नदी को सुरक्षित करने के लिए एक साथ आगे आना होगा। कार्यकम में महाविद्यालय के समस्त प्राध्यापक एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।



