मारपीट, तोड़फोड़ व नियमों के उल्लंघन का आरोप, गैरसैंण थाने में यूकेडी नेताओं पर प्राथमिकी दर्ज, गरमाई सियासत।
देहरादून। उत्तराखण्ड पुलिस ने मारपीट, तोड़फोड़ और नियमों के उल्लंघन के आरोपों में यूकेडी नेताओं के खिलाफ गैरसैंण थाने में प्राथमिकी दर्ज की है। इस मामले में यूकेडी नेता आशीष नेगी, द्वाराहाट के पूर्व विधायक पुष्पेष त्रिपाठी सहित कई अन्य अज्ञात लोगों के खिलाफ मारपीट, तोड़फोड़ और नियमों का उल्लंघन कर प्रदर्शन करने सहित सुसंगत धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया है। प्राथमिकी दर्ज होने के बाद प्रदेश में सियासत फिर गरमा सकती है।
मालूम हो कि विधानसभा सत्र के दौरान यूकेडी कार्यकर्ता आक्रामक दिखाई दिए थे। विगत 09 मार्च को स्थायी राजधानी की मांग को लेकर यूकेडी कार्यकर्ताओं ने विधानसभा कूच के दौरान दिवालीखाल में पुलिस बैरियर पार कर दिए थे। वहीं उत्तराखंड क्रांति दल के शीर्ष नेताओं की गिरफ्तारी के विरोध में उक्रांद कार्यकर्ताओं ने जनपद मुख्यालय में प्रदर्शन कर सरकार का पुतला दहन किया था।
कार्यकर्ताओं ने सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए गैरसैंण को स्थायी राजधानी बनाने की मांग भी उठाई। इसी क्रम में शनिवार को उक्रांद के केंद्रीय नेतृत्व के आह्वान पर कार्यकर्ताओं ने बेलणी टैक्सी स्टैंड से जुलूस निकालते हुए मुख्य बाजार तक नारेबाजी करते हुए प्रदर्शन किया।
इस दौरान हनुमान चौक पर सरकार का पुतला फूंका गया और सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की गई। प्रदर्शन के दौरान कार्यकर्ताओं ने आरोप लगाया कि गैरसैंण के मुद्दे पर सरकार बार-बार जनता को भ्रमित कर रही है।
उन्होंने कहा कि सरकार केवल औपचारिक रुप से कुछ दिनों के लिए सत्र आयोजित कर जनता के पैसे की बर्बादी कर रही है, जबकि गैरसैंण को स्थायी राजधानी बनाया जाना चाहिए। वक्ताओं ने कहा कि पहाड़ की समस्याओं का समाधान गैरसैंण को राजधानी बनाने से ही संभव है और इसके लिए उक्रांद का संघर्ष जारी रहेगा।
इस दौरान कार्यकर्ताओं ने मुख्य बाजार से गुजर रहे विधायकों के काफिले का घेराव करने की कोशिश भी की, लेकिन काफिला वहां से निकल गया था। इस मौके पर भारी संख्या में यूकेडी कार्यकर्ता मौजूद रहे।
रिपोर्टर – रिया सोलीवाल









