विकासखंड भिकियासैंण में क्षेत्र पंचायत की प्रथम बैठक हुई आयोजित।

स्वास्थ्य, शिक्षा, पानी, बिजली और सड़क सहित कई विभागों की समस्याओं पर हुई विस्तृत चर्चा।

भिकियासैंण (अल्मोड़ा)। ब्लॉक सभागार भिकियासैंण में क्षेत्र पंचायत की प्रथम विभागवार समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में शिक्षा, स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण, विद्युत, खाद्य पूर्ति, कृषि, लोक निर्माण विभाग, पेयजल, समाज कल्याण, बाल विकास, ग्राम्य विकास, सिंचाई तथा वन विभाग से जुड़े विषयों पर विस्तार से चर्चा की गई।

बैठक के दौरान सर्वाधिक समस्याएं लोक निर्माण विभाग, पेयजल विभाग एवं जल निगम से संबंधित सामने आई, जिन पर क्षेत्र पंचायत सदस्यों ने गंभीरता से अपनी बात रखी।

इस अवसर पर विधायक रानीखेत डॉ. प्रमोद नैनवाल, परियोजना निदेशक कैलाश नाथ तिवारी तथा उपजिलाधिकारी भिकियासैंण याक्षी अरोड़ा ने संबंधित विभागीय अधिकारियों को जनसमस्याओं के शीघ्र एवं प्रभावी समाधान के स्पष्ट निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि जनता से जुड़े कार्यों में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

बैठक में कुछ विभागों के अधिकारियों की अनुपस्थिति पर सदस्यों ने कड़ी आपत्ति जताई। वहीं सदन में गैर-सदस्यों के बैठने को लेकर जोरदार हंगामा भी हुआ।

पॉली हाउस योजना पर उठे सवाल:
आरआईडीएफ योजना के अंतर्गत उद्यान विभाग द्वारा संचालित पॉली हाउस योजना सवालों के घेरे में रही। क्षेत्र पंचायत सदस्य दीपक करगेती ने कहा कि किसानों से 20 प्रतिशत अंशदान दो वर्ष पूर्व ही जमा करवा लिया गया, लेकिन आज तक न तो मानकानुसार पॉली हाउस लगाए गए और न ही संबंधित फर्म पर कोई ठोस कार्रवाई हुई।
उन्होंने निगराली, उगलिया, गुजरगड़ी व तोलकांडे कोट असवाल से प्राप्त स्वैच्छिक चकबंदी के पत्रों पर भी प्रगति की जानकारी मांगी।

पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत के कार्यकाल में संचालित नवाड़ से सुणी नूना तथा उगलिया से निगराली तक की पाइपलाइन बंद होने की समस्या भी सदन के समक्ष रखी गई।

क्षेत्र पंचायत सदस्यों द्वारा विभागवार उठाए गए प्रमुख मामले –

शिक्षा विभाग:
ग्रामीण अभियंत्रण सेवा से पहुंचे अधिकारियों से क्षेत्र पंचायत सदस्य दीपक करगेती ने राजकीय प्राथमिक विद्यालय पतंगाव एवं राजकीय जूनियर हाईस्कूल पतंगाव के मरम्मत/लघु मरम्मत/पुनर्निर्माण हेतु आगणन न बनने का मुद्दा उठाया।
उन्होंने बताया कि इस संबंध में दिसंबर 2020, 06 जुलाई 2023 तथा 23 अगस्त 2025 को पत्राचार किया गया, लेकिन आरईएस की लापरवाही के कारण आज तक आगणन प्रस्तुत नहीं हो पाया। दोनों विद्यालय जर्जर अवस्था में पहुंच चुके हैं। उन्होंने पूछा कि अब आगणन प्रस्तुत होने में और कितने वर्ष लगेंगे।

विकासखंड स्तरीय खेल प्रतियोगिताओं में क्षेत्र के बच्चों के विजयी होने के बावजूद प्रतियोगिता में आमंत्रित न किए जाने पर भी सवाल उठाए गए और संभावित राजनीतिक दबाव स्पष्ट करने की मांग की गई।

स्वास्थ्य विभाग:
11 जनवरी को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र भिकियासैंण में विशेषज्ञ डॉक्टरों की अनुपस्थिति में एक महिला का सामान्य प्रसव कराए जाने तथा बाद में नवजात को रेफर किए जाने के कारण हुई शिशु मृत्यु का मुद्दा उठाया गया।
एनआईसीयू सुविधा के अभाव और विशेषज्ञ डॉक्टरों की कमी पर सवाल करते हुए पूछा गया कि जिम्मेदारी किसकी तय होगी और भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति कैसे रोकी जाएगी।

30 दिसंबर 2025 को शिमलधार के पास हुए भीषण सड़क हादसे में केवल एक एंबुलेंस उपलब्ध होने के कारण घायलों को समय पर अस्पताल न पहुंचा पाने की स्थिति पर भी नाराजगी जताई गई।

खाद्य आपूर्ति विभाग:
राशन कार्ड में नाम जोड़ने की प्रक्रिया में एआर द्वारा आईडी वेरिफिकेशन में होने वाली देरी का मुद्दा उठाया गया। मांग की गई कि आईडी वेरिफिकेशन का अधिकार पंचायत अधिकारियों को दिया जाए।
साथ ही एक ही ग्रामसभा में बीपीएल/एपीएल/अंत्योदय कार्ड सरेंडर कर म्यूचुअल करने की प्रक्रिया पर स्थिति स्पष्ट करने को कहा गया।

कृषि विभाग:
कृषि योग्य भूमि बंजर छोड़कर पलायन कर चुके लोगों को किसान सम्मान निधि मिलने पर सवाल उठाए गए। वास्तविक कृषकों व गौ-पालकों को ही लाभ देने तथा प्रति गाय 1000/- रुपये मानदेय देने का सुझाव रखा गया।
जंगली जानवरों से फसल सुरक्षा के लिए मुआवजे के बजाय सोलर चेन लिंक फेंसिंग उपलब्ध कराने की मांग की गई।

लोक निर्माण विभाग:
मोहनरी गेट से पंतगांव मार्ग तथा भतरौंजखान-जीनपानी मोटर मार्ग पर टूटी सुरक्षा दीवारों के कारण संभावित हादसों को लेकर तत्काल निर्माण की मांग की गई।

पेयजल विभाग/जल निगम/जल संस्थान:
35 करोड़ रुपये से अधिक की लागत से बन रही भवानी देवी पेयजल योजना में पाइपलाइन की गुणवत्ता पर सवाल उठाते हुए उच्च स्तरीय जाँच की मांग की गई।
हर घर जल, हर घर नल योजना की विसंगतियों, बिलिंग असमानता और गाँवों में पानी वितरण की अव्यवस्था को भी उजागर किया गया।

पंचायत राज/ग्राम्य विकास:
जी-राम-जी योजना को कृषि कार्यों से जोड़ने का सुझाव दिया गया, जिससे पलायन पर रोक लगे और ग्रामीणों को रोजगार मिले।

मुख्यमंत्री पलायन रोकथाम योजना:
12 ग्राम पंचायतों में लागू योजना की वर्तमान स्थिति, पलायन पर प्रभाव तथा लाभान्वित ग्रामीणों की जानकारी मांगी गई।

खंड विकास अधिकारी से प्रश्न:
क्षेत्र पंचायत सदस्यों एवं ग्राम प्रधानों के बैठक मानदेय की जानकारी मांगी गई।
साथ ही क्षेत्र पंचायत सदस्यों को बिना भेदभाव वार्षिक कम से कम 6 लाख रुपये देने का प्रस्ताव भी रखा गया।

बैठक में बीडीओ गोपाल सिंह नेगी, खंड शिक्षा अधिकारी डॉ. रवि मेहता, ज्येष्ठ प्रमुख दिगम्बर डंगवाल, प्रेम रावत, सुनील जोशी, डॉ. हर्षित भारती, नरेंद्र सिंह नेगी, एडीओ पंचायत गणेश रावत, किरण सहित सभी संबंधित विभागों के अधिकारी व कर्मचारी उपस्थित रहे।

रिपोर्टर- रिया सोलीवाल

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