नगर पंचायत भिकियासैंण का लाखों रुपये का स्नान घाट शमशान घाट में हुआ तब्दील, गुणवत्ता की खुली पोल।

भिकियासैंण (अल्मोड़ा)। नगर पंचायत भिकियासैंण मे विगत रात्रि लगभग 11:00 बजे के आस-पास रामगंगा नदी अपने विकराल रुप में खतरे के निशान से ऊपर बह रही थी और साथ ही रामगंगा की तेज बहाव में नगर पंचायत भिकियासैंण के रामगंगा घाट की कलई भी उतर गई। नगर के सामाजिक कार्यकर्ता बालम नाथ ने बताया कि 2 साल पहले नगर पंचायत भिकियासैंण द्वारा 18 लाख रुपए की धनराशि आरईएस विभाग को सुंदर आकर्षक और मजबूत गंगा घाट बनाने हेतु आवंटित की गई थी, उस समय तहसील में उप जिला अधिकारी राहुल शाह यहां पर सर्वेसर्वा थे। लेकिन बड़े अफसोस और दुख के साथ कहना पड़ता है कि पढ़े लिखे इंजीनियर, ठेकेदार और जनप्रतिनिधि सिर्फ अपनी जेबें गर्म करने के लिए ऐसे प्लान तैयार करते हैं, लोगों को बेवकूफ बनाते हैं और लोगों के पैसे को घटिया दर्जे का काम करके अपने भोग विलासिता में इस्तेमाल करते हैं।
यहां पर नई नगर पंचायत बनी थी और लगभग एक करोड़ बजट के साथ पार्क, शमशान घाट और गंगा घाट तैयार होने थे, लेकिन नगर पंचायत का कार्यकाल खत्म होने के साथ-साथ पार्क, शमशान घाट और गंगा घाट तीनों ही दफन हो गए, ना ही आरईएस ने अभी तक नगर पंचायत को हैंडओवर किया है। अब आपदा में और पैसा लेकर यह अपने बच्चों का पालन पोषण करेंगे, धन्य हो ऐसी कार्य प्रणाली को, धन्य हो ऐसी सरकारों को, ऐसे पढ़े-लिखे अधिकारी धन्य है। वह जनप्रतिनिधि ठेकेदार जो अपने देश के साथ इस प्रकार गद्दारी कर रहे हैं, क्या ऐसे विकास होगा बड़े शर्म के साथ कहना पड़ रहा है। तनख्वाह लेने के बावजूद भी ठेकेदारों से सैटिंग की जाती है। निर्माण कार्य की गुणवत्ता पर गोपाल बिष्ट वार्ड मेंबर वार्ड नंबर 2, हरीश बिष्ट, पुष्कर बंगारी, बालम गोस्वामी, हरीश पुजारी, उमाशंकर नैलवाल, संजय बंगारी, प्रेम बिष्ट, हरीश बिष्ट, आनंद प्रकाश लखचौरा, नंदन सिंह बिष्ट, भोपाल बंगारी आदि लोग ने सवालिया निशान लगाये है।
रिपोर्टर- एस. आर. चन्द्रा भिकियासैंण








