भीमताल विकासखंड में ब्लॉक स्तरीय युवा संसद प्रतियोगिता का हुआ आयोजन।

भीमताल (नैनीताल)। विकासखंड भीमताल, जनपद नैनीताल में ब्लॉक स्तरीय युवा संसद प्रतियोगिता का आयोजन राजकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय रानीबाग में किया गया।

कार्यक्रम की आयोजक खंड शिक्षा अधिकारी भीमताल केना चौहान ग्रोवर रहीं। कार्यक्रम के स्थल संयोजक राजकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय रानीबाग प्रधानाचार्य निधि मेहरा तथा ब्लॉक कोऑर्डिनेटर मीना डंगवाल एवं सहायक कोऑर्डिनेटर धीरेंद्र मिश्रा रहे।

कार्यक्रम के मुख्य अतिथि डॉ. नवीन शर्मा, सहायक प्राध्यापक, राजनीति विज्ञान विभाग, एम.बी.पी.जी. कॉलेज, हल्द्वानी रहे। निर्णायक मंडल में विभिन्न विकासखंडों से आए ललित पांगती, आशुतोष द्विवेदी एवं असमा परवीन शामिल रहे, जिन्होंने प्रतियोगिता के परिणामों की घोषणा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य अतिथि डॉ. नवीन शर्मा, ब्लॉक कोऑर्डिनेटर मीना डंगवाल, सहायक कोऑर्डिनेटर धीरेंद्र मिश्रा, विद्यालय प्रधानाचार्य निधि मेहरा एवं निर्णायक मंडल के सदस्यों द्वारा दीप प्रज्वलन कर किया गया। कार्यक्रम का सफल संचालन सहायक अध्यापक गोपाल गुणवंत द्वारा कुशलतापूर्वक किया गया।

प्रतियोगिता में आदर्श राजकीय इंटर कॉलेज पटवाडांगर, पी.एम. श्री राजकीय इंटर कॉलेज हैड़ाखान, राजकीय इंटर कॉलेज अमिया, राजकीय इंटर कॉलेज नौकुचियाताल, राजकीय इंटर कॉलेज दोगड़ा, राजकीय बालिका इंटर कॉलेज खुर्पाताल, राजकीय बालिका इंटर कॉलेज भीमताल एवं राजकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय रानीबाग के विद्यार्थियों ने प्रतिभाग किया।

परिणामस्वरुप प्रथम स्थान राजकीय बालिका इंटर कॉलेज खुर्पाताल, द्वितीय स्थान राजकीय बालिका इंटर कॉलेज भीमताल तथा तृतीय स्थान आदर्श राजकीय इंटर कॉलेज पटवाडांगर ने प्राप्त किया।

ब्लॉक कोऑर्डिनेटर मीना डंगवाल ने युवा संसद प्रतियोगिता की रुपरेखा प्रस्तुत करते हुए बताया कि इस कार्यक्रम का उद्देश्य विद्यार्थियों में लोकतांत्रिक मूल्यों, संसदीय परंपराओं तथा नेतृत्व क्षमता का विकास करना है।

मुख्य अतिथि डॉ. नवीन शर्मा ने अपने उद्बोधन में शासन के विभिन्न स्वरुपों पर प्रकाश डालते हुए बताया कि एक व्यक्ति द्वारा किया जाने वाला शासन राजतंत्र, कुछ विशिष्ट व्यक्तियों द्वारा किया जाने वाला शासन कुलीनतंत्र तथा समस्त नागरिकों द्वारा किया जाने वाला शासन लोकतंत्र कहलाता है। उन्होंने कहा कि संसदीय शासन प्रणाली लोकतंत्र का आधार है, जिसमें जनता प्रत्यक्ष रुप से शासन नहीं करती बल्कि अपने प्रतिनिधियों का चुनाव कर प्रतिनिधि शासन व्यवस्था स्थापित करती है।

डॉ. शर्मा ने प्रतिभागी छात्र-छात्राओं को प्रेरित करते हुए कहा कि यह प्रतियोगिता एक मंचन है, जिसमें कोई हारता नहीं है बल्कि या तो जीतता है या सीखता है। उन्होंने कहा कि लंबी छलांग के लिए कभी-कभी एक कदम पीछे हटना पड़ता है और महान व्यक्तित्व संपत्ति व विपत्ति दोनों में समान भाव रखते हैं।

उन्होंने विद्यार्थियों को अच्छी आदतों के निर्माण, पर्यावरण संरक्षण, सामाजिक समरसता, प्राचीन भारतीय परिवार व्यवस्था, नागरिक कर्तव्यों के पालन तथा एक जिम्मेदार नागरिक बनने के लिए प्रेरित किया।

अंत में आयोजक मंडल द्वारा सभी प्रतिभागियों, शिक्षक-शिक्षिकाओं एवं सहयोगियों का आभार व्यक्त किया गया।

रिपोर्टर- रिया सोलीवाल

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