मानिला में बाल लेखन कार्यशाला प्रारंभ, बच्चों ने सीखी कविता लेखन की बारीकियां।

भिकियासैंण (अल्मोड़ा)। बच्चों की पत्रिका बालप्रहरी, बालसाहित्य संस्थान तथा भारत ज्ञान विज्ञान समिति सल्ट इकाई द्वारा आदर्श राजकीय इंटर कॉलेज मानिला में आज सोमवार से आयोजित बाल लेखन कार्यशाला के पहले दिन बच्चों ने कविता लेखन की बारीकियां समझी। सबसे पहले बच्चों ने अपनी पाठ्य पुस्तक की मनपसंद कविताओं का वाचन किया। दूसरे चरण में बच्चों से पूछा गया कि इसे कविता क्यों कहते हैं, जिस पर सभी बच्चों ने अपने अपने तर्क दिए। बच्चों ने बताया कि कविता के अंत में मिलते – जुलते यानि तुकबंदी वाले शब्द होते हैं। उसके बाद बच्चों से अपनी सुनाई कविता में तुकबंदी वाले शब्द बताने को कहा गया। बच्चों ने बताया कविता को लय व ताल के साथ गाया जाता है। कविता के भाव पक्ष व शीर्षक पर भी बच्चों ने अपनी बात कही। बालप्रहरी के संपादक उदय किरौला ने बच्चों से कहा कविता कोई सिखाने की विधा नहीं है, कविता के भाव हमारे मन के अंदर होते हैं। उन भावों को तुक व लय के साथ रचने पर कविता की रचना होती है। तीसरे चरण में बच्चों ने मौखिक कविताएं तैयार की। बाद में दिए गए शब्दों के आधार पर बच्चों ने मानिला, स्कूल, फूल, पानी, बच्चे आदि विषयों पर कविता तैयार की।

कार्यशाला की शुरुआत ‘ज्ञान का दीया जलाने’ समूह गीत से हुई। प्रारंभ में कार्यशाला के स्थानीय संयोजक तथा राजकीय प्राथमिक विद्यालय मजगांव के शिक्षक पवन कुमार ने सभी का स्वागत किया। भारत ज्ञान विज्ञान समिति के जिला सचिव कृपाल सिंह शीला ने बताया कि 5 दिवसीय कार्यशाला में प्रत्येक बच्चे की हाथ से तैयार हस्तलिखित पुस्तक तैयार की जाएगी। कार्यशाला के अंतिम दिन बाल कवि सम्मेलन होगा, जिसका संचालन व अध्यक्षता मानिला के बच्चे करेंगे। कार्यशाला में बच्चे समूह गीत व नुक्कड़ नाटक भी सीखेंगे।

समर कैंप के तहत आयोजित कार्यशाला में आज बच्चों ने तोता कहता है, जैसा मैं करुं, कितना बड़ा पहाड़ व पिज्जा हट आदि खेलों में खूब मस्ती की। आज अध्यक्ष मंडल में सिद्धी बिष्ट, सागर खुल्बे, सौरभ, हर्षित और सार्थक बंगारी को शामिल किया गया। नाम लेखन प्रतियोगिता में हेमा पन्त ने एक मिनट में 37 बार अपना नाम लिखकर प्रथम स्थान प्राप्त किया। सामान्य ज्ञान प्रतियोगिता में क्रमशः प्रथम द्वितीय तथा तृतीय स्थान सार्थक बंगारी, हेमा पन्त और सत्यजीत ने प्राप्त किया। विभिन्न प्रतियोगिताओं में सफल रहे बच्चों को वरिष्ठ साहित्यकारों की पुस्तकें उपहार में दी गई।

कार्यशाला के प्रारंभ में राजकीय इंटर कॉलेज मानिला में देश के वरिष्ठ साहित्यकारों के पुस्तकों की प्रदर्शनी लगाई गई, जिसका उद्घाटन राजकीय इंटर कॉलेज मानिला के प्रधानाचार्य रवींद्र सत्यबली ने किया। इस अवसर पर रवीन्द्र सत्यबली ने कहा कि गैर शैक्षणिक गतिविधियां बच्चों के सर्वांगीण विकास में सहायक सिद्ध होती है, इनसे बच्चों में बोलने की कला, व्यवहारिक समझ और नैतिक मूल्यो का विकास होता है। अपनी हस्तलिखित पुस्तक के लिए बच्चों ने मेरा परिचय, मेरा स्कूल तथा अपना फोटो बनाया।

बच्चों द्वारा तैयार हस्तलिखित पुस्तकों की प्रदर्शनी 8, 9 तथा10 जून को गीता भवन, देवी धाम, मानिला में आयोजित राष्ट्रीय बाल साहित्य संगोष्ठी में लगाई जाएगी। कृपाल सिंह शीला ने संदर्भदाता बतौर बच्चों से बात की। इस अवसर पर गुसाईं सिंह चौहान, चन्द्रशेखर गहतोड़ी, पूरन सिंह बंगारी, तुलसी नैलवाल, बीना बसनाल आदि लोग उपस्थित थे।

रिपोर्टर- एस. आर. चन्द्रा भिकियासैंण

Leave a Comment

Your email address will not be published. Required fields are marked *