उत्तराखंड में क्लस्टर विद्यालय योजना लागू, सैकड़ों स्कूल होंगे बंद।
भिकियासैंण ब्लॉक के 16 विद्यालय होंगे मर्ज, संसाधनों की कमी और दुर्गम रास्तों से अभिभावकों में गहरी चिंता।
भिकियासैंण। राज्य सरकार की अति महत्वकांक्षी योजना के तहत राज्य में क्लस्टर विद्यालयों का संचालन होने जा रहा है जिसके तहत सम्पूर्ण राज्य में 1515 माध्यमिक (हाई स्कूलों, इंटर कॉलेज) विद्यालयों को बन्द करते हुए निकटवर्ती 559 स्कूलों में मर्ज किया जा रहा है।
भिकियासैंण ब्लॉक में 5 क्लस्टर विद्यालय प्रस्तावित हैं जिनमें अटल उत्कृष्ट राजकीय इंटर कॉलेज भिकियासैंण, अ.उ.रा.इ.का. चौनलिया, रा.इ.का. उत्तमसानी, रा.इ.का. बिनोली सटेड और विनायक रा.इ.का जमोली में निकटवर्ती 16 विद्यालय मर्ज हो जाएंगे। इस योजना के तहत अब भिकियासैंण ब्लॉक के रा.क.इ.का. भिकियासैंण, रा.इ.का. नौला, रा.उ.मा.वि. थापला, रा.उ.मा.वि. लिसेड़ी, रा.उ.मा.वि श्रीकोट, रा.क.उ.मा. वि. बासोट, रा.क.उ.मा.वि. सिनौड़ा, रा.क.उ.मा.वि. भतरौंजखान, रा.उ.मा.वि. सिरमौली, रा.इ.का. पंतस्थली, रा.इ.का. जीनापानी, रा.इ.का.पाली, तकुल्टी, नागार्जुन, रा.उ.मा.वि. खनोलिया, रा.इ.का. खरकीना बन्द होकर उसमें मर्ज हो जाएंगे।
शिक्षा विभाग फिलहाल मर्ज होने वाले विद्यालयों के बच्चों व अभिभावकों को निकटवर्ती विद्यालय तक आवागमन के लिए बसों तथा सर्व सुविधा सम्पन्न विद्यालय का स्वप्न दिखा रहा है। किन्तु यह सब भविष्य में कितना कारगर होगा। पूर्व में मॉडल स्कूल, अटल उत्कृष्ट विद्यालय आज भी सुविधाओं के लिए मुँह बाए कर खड़े हैं। न कहीं प्रयोगशाला व्यवस्थित हो पाई है, और न कम्प्यूटर लैब, न खेल के मैदान और न ही पूर्णकालिक शिक्षक। ब्लॉक भिकियासैंण के आठ हाई स्कूलों और 13 इंटर कॉलेजों तथा एक राजीव गाँधी नवोदय (आवासीय) विद्यालय में एक भी पूर्ण कालिक प्रधानाचार्य नहीं है। सभी विद्यालय प्रभारी प्रधानाध्यापकों और प्रभारी प्रधानाचार्यों के भरोसे चल रहे है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी का ड्रीम प्रोजेक्ट स्वच्छ भारत अभियान भी विद्यालयों में बिना स्वच्छकों के चल रहा है। आवासीय विद्यालय नवोदय के अतिरिक्त किसी भी विद्यालय में स्वच्छक कार्यरत नहीं है।
पर्वतीय क्षेत्रों की विषम भौगोलिक परिस्थितियों को देखते हुए दूर-दूर तक नन्हें-मुन्ने बच्चों को सड़क मार्ग तक पहुँचने के लिए कहीं-कहीं वीरान जंगलों व ऊबड़-खाबड़ रास्तों को पार करना पड़ता है। जंगली जानवरो का खतरा भी निरंतर बना रहता है। बालिका शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए पूर्व में खोले गए सभी 4 कन्या हाई स्कूल और एक मात्र राजकीय कन्या इंटर कॉलेज भी बन्द होने के कगार पर है। क्या यह क्लस्टर विद्यालय योजना हमारे ब्लॉक, जनपद व राज्य को विकास की चरम सीमा पर ले जाने में सफल होगी…?
रिपोर्टर- रिया सोलीवाल









