एस. एस. जे. राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय स्याल्दे में अंतर्राष्ट्रीय वृद्धजन दिवस के अंतर्गत कम्यूनिटी इंगेजमेंट प्रोग्राम का हुआ आयोजन।

भिकियासैंण/स्याल्दे। संयुक्त सचिव सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय, भारत सरकार के निर्देशानुसार एस. एस. जे. राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय स्याल्दे के राष्ट्रीय सेवा योजना इकाई, रेड क्रॉस एवं रोवर्स-रेंजर्स के संयुक्त तत्वावधान में “अन्तर्राष्ट्रीय वृद्धजन दिवस” के अवसर पर कम्यूनिटी इंगेजमेंट प्रोग्राम का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम के अंतर्गत छात्रों को वृद्धजनों की वर्तमान परिस्थिति, समस्या एवं उनके पारिवारिक तथा सामाजिक महत्व से अवगत कराया गया, जिसके लिए स्याल्दे में निवासरत वृद्धजनों का चयन कर छात्रों को उनके आवास ले जाया गया तथा उनके साथ संवाद स्थापित करने का अवसर प्रदान किया गया।

कार्यक्रम का संचालन प्राचार्य डॉ. आभा अग्रवाल के निर्देशन में किया गया। अपने कम्यूनिटी इंगेजमेंट प्रोग्राम के महत्व से छात्रों को अवगत कराते हुए कार्यक्रम में प्रतिभाग हेतु प्रोत्साहित किया गया। एनएसएस प्रभारी डॉ. ममता गौड़ ने बच्चों को परिवार में बुजुर्गों के सम्मान एवं उनके महत्व के बारे में बताया। रेड क्रॉस प्रभारी डॉ. रवि कान्त कुमार ने छात्रों को सम्बोधित करते हुए कहा कि “वृद्धजन एवं परिवार समाज की रीढ़ है, जिनकी उपेक्षा कर एक स्वस्थ समाज का निर्माण संभव नहीं है।”

इस अवसर पर डॉ. अमित कुमार रोबर्स प्रभारी ने कहा कि वृद्धजनों की उपेक्षा समाज के लिए गंभीर समस्या बन चुकी है। इसका समाधान समय की मांग बन गई है, जिसमें कम्यूनिटी इंगेजमेंट प्रोग्राम एक महत्वपूर्ण कदम साबित होगा। रेंजर्स प्रभारी डॉ. रागिनी राघव ने छात्रों को कम्यूनिटी इंगेजमेंट प्रोग्राम के महत्व से अवगत कराते हुए इसमें प्रतिभाग हेतु प्रोत्साहित किया। इस अवसर पर स्याल्दे निवासी वृद्धजन एवं सामाजिक कार्यकर्ता श्री प्रेम गिरी गोस्वामी ने अपने अनुभव साझा किए तथा छात्रों को परिवार एवं समाज में नैतिकता का पालन करते हुए अपने लक्ष्य का प्राप्त करने के लिए अभिप्रेरित किया। तत्पश्चात छात्रों ने वृद्धजनों के लिए अपने सम्मान की भावना एवं अपेक्षाओं को साझा किया तथा परिवार एवं समाज में बुजुर्गों के सम्मान करने की बात कही। कार्यक्रम में पिंकी रावत, नेहा, ललिता बिष्ट सहित विभिन्न छात्रों ने उत्साहपूर्वक प्रतिभाग किया।

रिपोर्टर- एस. आर. चन्द्रा भिकियासैंण

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