श्री लिंग पुराण कथा में गणेश जी की बुद्धि – विवेक से ब्रह्मांड परिक्रमा का प्रसंग सुन भाव – विभोर हुए श्रद्धालु।
स्याल्दे/भिकियासैंण। महाकाल सेवा समिति भरसोली द्वारा आयोजित श्री लिंग पुराण साप्ताहिक ज्ञान यज्ञ में पंचम दिवस पर क्षेत्रवासियों की खूब भीड़ रही।
मुख्य यजमान रामानन्द अग्रवाल व उनकी धर्मपत्नी सुशील अग्रवाल तथा अशोक अग्रवाल उनकी धर्मपत्नी अनीता अग्रवाल द्वारा विधि-विधान से पूजा-अर्चना की गई।
कथा व्यास नन्दा बल्लभ पन्त द्वारा कथा प्रसंग के दौरान भगवान गणेश जी ने अपनी बुद्धि व विवेक से अपने माता-पिता (शिव-पार्वती) की परिक्रमा कर संपूर्ण ब्रह्मांड की परिक्रमा करने के समान माना, जिससे सभी देवताओं और भगवान ब्रह्मा ने उन्हें सर्व सर्वोत्तमोत्तम मानते हुए अग्रपूजन स्वीकार किया। उन्हें बाधाओं के विनाशक शुरुआत के देवता और गणपति भी कहते हैं, इसलिए किसी भी शुभ कार्य की शुरुआत से पहले उनकी पूजा की जाती है, इस प्रसंग का सुंदर वर्णन किया गया।
कथा समाप्ति के पश्चात महिलाओं और भक्तों ने भजन-कीर्तन के माध्यम से माहौल शिवमय हो गया।
सहयोग कर्ता के रुप में समिति के अध्यक्ष प्रताप सिंह डंगवाल ग्राम प्रधान भरसोली मीनाक्षी देवी बंगारी, हीरा सिंह बंगारी, कैलाश ढौंडियाल, महेन्द्र सिंह बंगारी, गणेश चन्द्र भिरकनी, बचें सिंह बंगारी, भैरव गिरी महाराज, गोपाल सिंह मैठानी, प्रयाग दत्त ढौंडियाल, खुशहाल सिंह बंगारी आदि मौजूद रहे।
रिपोर्टर- रिया सोलीवाल






















