लाल बहादुर शास्त्री राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय हल्दूचौड़ में शीतकालीन अवकाश व आधार बायोमेट्रिक व्यवस्था को लेकर असहमति।

हल्दूचौड़ (नैनीताल)। लाल बहादुर शास्त्री राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय हल्दूचौड़ में कार्यरत समस्त प्राध्यापकों एवं कर्मचारियों ने शीतकालीन अवकाश तथा आधार आधारित बायोमेट्रिक उपस्थिति व्यवस्था के संबंध में अपनी असहमति व्यक्त की है। इस विषय को लेकर महाविद्यालय परिसर में चर्चा का माहौल बना हुआ है।

प्राध्यापकों एवं कर्मचारियों का कहना है कि शीतकालीन अवकाश की व्यवस्था वर्षों से पर्वतीय क्षेत्रों की भौगोलिक, जलवायु एवं शैक्षणिक परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए लागू रही है। इसमें किसी भी प्रकार का परिवर्तन करने से शिक्षण-अधिगम प्रक्रिया तथा महाविद्यालय के नियमित कार्यों पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ सकता है।

इसके साथ ही आधार आधारित बायोमेट्रिक उपस्थिति प्रणाली को लेकर भी कर्मचारियों ने व्यावहारिक कठिनाइयों की ओर ध्यान आकर्षित किया है। उनका कहना है कि तकनीकी समस्याएँ, नेटवर्क की सीमित उपलब्धता तथा कार्य-प्रकृति की विविधता को ध्यान में रखे बिना इस प्रणाली को लागू करना व्यवहारिक प्रतीत नहीं होता।

प्राध्यापकों एवं कर्मचारियों ने स्पष्ट किया कि वे अनुशासन एवं समयपालन के पूर्णतः पक्षधर हैं, किंतु किसी भी नई व्यवस्था को लागू करने से पूर्व संबंधित पक्षों से संवाद एवं सहमति आवश्यक है। उन्होंने सक्षम अधिकारियों से आग्रह किया है कि शीतकालीन अवकाश एवं आधार बायोमेट्रिक व्यवस्था के संबंध में पुनर्विचार करते हुए व्यावहारिक एवं सर्वमान्य समाधान निकाला जाए।

इस संबंध में महाविद्यालय प्रशासन की ओर से आगे की प्रक्रिया एवं निर्णय की प्रतीक्षा की जा रही है।

रिपोर्टर- रिया सोलीवाल

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