अतिवृष्टि से देघाट क्षेत्र के घरों मे घुसा पानी, एक किलोमीटर लम्बी विद्युत लाईन टूटने से विद्युत सप्लाई ठप्प।

भिकियासैंण (अल्मोड़ा)। विकासखंड स्याल्दे के कल देर शाम देघाट के नजदीकी क्षेत्रों मे तेज बारिश के चलते आस-पास के नदी-नालों तथा क्षेत्र की दो बड़ी नदियों विनो नदी व मसांण नदी मे बाढ़ आने से देघाट बाजार गंगानगर में नदी के पास वाले दर्जनों घरों मे पानी भर गया। देघाट थाने की टीम व स्थानीय लोग देर रात तक जागकर लोगों को सचेत करते रहे तथा जिन घरों में पानी भरा उनको घरों से बाहर निकालने में मदद की। देघाट गंगानगर निवासी बहादुर सिंह की गौशाला मे बँधी एक गाय भी पानी में डूबने से मर गयी।

वहीं अन्य जानवरों को बाहर निकाल कर बचा लिया गया। देवी मंन्दिर के पास अरुण कुमार वाल्मीकि के कमरे में भी पानी भरने से बड़ी मशक्तत के बाद पूरे परिवार को बाहर निकाल कर बचाया गया। उप कोषागार देघाट के सभी कमरों में एक फिट पानी भर गया, जिससे अल्मारियों में रखे रिकॉर्ड भी भीग गये। स्टेशन बाजार के पास शंकर दत्त पपनोई के घर को नदी का खतरा देखते हुए पुलिस टीम ने किसी दूसरे स्थान पर भिजवाया।

बताया जा रहा है कि देघाट के ऊपरी गढ़वाल क्षेत्र में बादल फटने जैसे स्थिति से क्षेत्र के सभी गधेरे-नालों में अचानक तेज पानी का प्रवाह आने से नदी उफान पर आ जाने से अफरातफरी का माहौल बन गया। पूर्व ग्राम प्रधान सुरेंन्द्र सिंह बंगारी ने बताया कि नारायण मंन्दिर के पास कंचन नदी पर बनी पुलिया क्षतिग्रस्त हो चुकी है, तथा मोहनी ढैया के रास्ते में बनी पुलिया बह चुकी है। इसके अलावा चिन्तोली पयालगांव में अनेक पेयजल लाईने सिंचाई गूलें तथा नहरें पूरी तरह से तहस नहस हो चुकी हैं। देघाट से स्याल्दे के बीच मुख्य विद्युत पोषक लाईन के दर्जनों पोल बह जाने से सम्पूर्ण क्षेत्र कल देर रात से अंधेरे में है।

विद्युत लाईन पूर्ण रुप से बह जाने के चलते लम्बे समय तक विद्युत आपूर्ती वहाली का संकट बना हुआ है। वहीं देघाट बाजार के पास सिंचाई विभाग द्वारा बनाए गये तटबन्ध का बड़ा हिस्सा बाढ़ से बह गया है। आज सुबह सिंचाई विभाग के अधिकारियों ने इसका जायजा लिया तथा सभी सिंचाई नहरों के हैड व बड़ा हिस्सा बह जाने से सिंचाई नहरे भी बन्द पड़ी है। क्षेत्र के लोगो ने प्रशासन से शीघ्र नुकसान का मुआवजा व क्षतिग्रस्त योजनाओं को शीघ्र ठीक कराए जाने की मांग की है।

रिपोर्टर- एस. आर. चन्द्रा भिकियासैंण

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