राजकीय महाविद्यालय हल्द्वानी शहर, गौलापार में उद्यमिता विकास कार्यक्रम: पर्यटन और स्वरोजगार की संभावनाओं पर चर्चा।
हल्द्वानी (नैनीताल)। राजकीय महाविद्यालय हल्द्वानी शहर गौलापार में देवभूमि उद्यमिता योजना के अन्तर्गत 12 दिवसीय उद्यमिता विकास कार्यक्रम के द्वितीय दिवस में डॉ. पूजा ध्यानी ने प्रशिक्षुओं के साथ उद्यमिता के संदर्भ में बुनियादी जानकारी साझा की। उन्होंने बताया कि उद्यमिता आज के समय की जरुरत है। एक अच्छे उद्यमी होने के लिए उसमें कुछ आवश्यक गुणों को विकसित करना आवश्यक है। उन्हें अपने अंदर नवाचार, जुनून, आत्म अनुशासन, एवं नम्रता को विकसित करना आवश्यक है। उद्यमिता के मार्ग में आर्थिक, सामाजिक, सांस्कृतिक एवं व्यक्तित्व महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। उन्होंने अपने उद्भोधन में बताया कि उद्यमिता के क्षेत्र में आज महिलाएँ काफी तेजी से आगे आ रही है और महिला उद्यमी अपनी नई पहचान बना रही है। हाल के वर्षों में छात्राओं के लिए उद्यमिता के क्षेत्र में असीम संभावनाओं का विस्तार हुआ है।
कार्यक्रम के द्वितीय सत्र में डॉ. दीप चंद्र पांडेय ने “उत्तराखंड में पर्यटन उद्योग की संभावनाओं और चुनौतियों” विषय पर अपने विचार विद्यार्थियों के साथ साझा करते हुआ कहा कि उत्तराखंड में पर्यटन की असीम संभावना है। क्योंकि आज पर्यटकों की अभिरुचि भी बहुत तेजी से बदली है। उत्तराखंड में पुरातात्विक, लोक सांस्कृतिक, प्राकृतिक सुरम्यता, धार्मिक, ऐतिहासिक पर्यटन की मौजूदगी है, जिसमें युवा अनेक स्तर पर अपनी अभिरुचि को विकसित करते हुए स्वंय के लिए स्वरोजगार को सृजित कर सकता है। पिछले कुछ वर्षों में उत्तराखंड में पर्यटकों की संख्या में गुणात्मक वृद्धि दर्ज की गई है। ऐसे में सतत विकास को पर्यटन उद्योग में समाहित कर हम धारणीय पर्यटन को बढ़ावा दे सकते है। बढ़ते पर्यटन ने होम स्टे, स्थानीय गाईड, स्थानीय खाद्य, स्थानीय हैंडीक्राफ्ट, टूर एंड ट्रैवल्स, डेस्टिनेशन वेडिंग जैसे अनेक व्यवसायों का रास्ता युवा उद्यमियों के लिए सृजित हुए है। युवा इनका सही इस्तेमाल कर स्वरोजगार को सृजित करते हुए उद्यमिता के क्षेत्र में अपनी विशिष्ट पहचान बनाने की संभावना रखते है। कार्यक्रम का संचालन और धन्यवाद ज्ञापन कार्यक्रम नोडल अधिकारी डॉ. आशीष अंशु के द्वारा किया गया।
रिपोर्टर- एस. आर. चन्द्रा भिकियासैंण





