अटल उत्कृष्ट राजकीय इण्टर कॉलेज भिकियासैंण में मनाया लोक संस्कृति दिवस।
भिकियासैंण (अल्मोड़ा) विकासखंड भिकियासैंण के अटल उत्कृष्ट राजकीय इण्टर कॉलेज भिकियासैंण में लोक संस्कृति दिवस के रुप में उत्तराखंड के गाँधी स्व. इंद्रमणि बडोनी की जयंती धूमधाम से मनाई गई। प्रधानाचार्य भवानी राम ने बडोनी जी के चित्र पर माल्यार्पण किया। सभी शिक्षकों ने पुष्प अर्पित कर स्व. इन्द्रमणि बडोनी जी को श्रद्धांजलि अर्पित कर याद किया।

छात्र – छात्राओं ने कुमाँऊनी – गढ़वाली बोली में कविता वाचन किया। सभी वक्ताओं ने स्थानीय बोली में ही उत्तराखण्ड के गांधी इन्द्रमणि बडोनी जी के व्यक्तित्व और कृतित्व पर प्रकाश डाला। कुमाँऊनी बोली में सम्बोधित करते हुए बालादत्त शर्मा ने कहा कि “कोस-कोस परि बदलें छ भाषा, चार कोस परि पाणी”! हमु कैं अपणी बोलि-भाषा, रीति-रिवाज, खान-पान कैं नि भूलण चाह्यूं। यौ हमारी पहचान छू। उत्तराखण्ड राज्य बनण के बाद येक गौरव और लै अधिक बढ़ि गोछ। उत्तराखण्ड राज्य आन्दोलन कैं दिशा दीण क लीजि बड़ौनी ज्यू ल अपण सारै जीवन लगै दी। तवा घाट बटी देहरादून तक उनुल पैदल यात्रा करी बेर जन जागरण अभियान चलै दी अर राज्य में नई क्रांति पैद कर दी। आज हम उतर बदौलत उत्तराखण्ड राज्य में जीवन बिताणयू। हमर कर्त्तव्य छू कि हम राज्य आन्दोलनकार्यु क सपनों कैं पुर करण में क्वी कमी नि करौं।
सबु कैं सम्बोधित कणी वालों में सतीश चंद्र, कमलेश पाण्डेय, रविन्द्र मेहरा, प्रिंसिपल सैब भवानी राम शामिल छि। रविन्द्र मेहरा ज्यूल एक गीत गा बेर सबु कैन आनन्दित करि दी। कार्यक्रम क संचालन राजेन्द्र रावत ज्यू ल करौंछ। नान तीनौ में स्नेहाल गढ़वाली कविता, श्वेता मावड़ी ल कुमांउनी गीत, संजय कुमार अर भविष्य रावत ल कुमांउनी गीत प्रस्तुत करौछ। अन्त में चाहा पाणी और मिठाई बांटी बेर कार्यक्रम क समापन हौछ।



