‘संतुलन’ के आठ मंत्रों पर आधारित धामी सरकार का बजट, विकास से सुरक्षा तक हर क्षेत्र पर जोर।

गैरसैंण (चमोली)। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सोमवार को वित्त मंत्री के रुप में विधानसभा में बजट पेश करते हुए ‘संतुलन’ के आठ मूल मंत्रों के आधार पर राज्य के विकास की रुपरेखा सामने रखी। सरकार ने बजट को समावेशी विकास, आत्मनिर्भरता, नई सोच, तीव्र विकास, उन्नत गाँव-शहर, लोकसहभागिता, आर्थिक शक्ति और न्यायपूर्ण व्यवस्था जैसे आठ प्रमुख बिंदुओं पर केंद्रित बताया है।

समावेशी विकास के तहत सामाजिक सुरक्षा पेंशन योजनाओं के लिए करीब 1327.73 करोड़ रुपये, अटल आयुष्मान उत्तराखंड योजना के लिए 600 करोड़ रुपये, सक्षम आंगनबाड़ी एवं पोषण 2.0 योजना के लिए लगभग 598.33 करोड़ रुपये तथा प्रधानमंत्री पोषण मिशन के लिए करीब 149.45 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। इसके अलावा मुख्यमंत्री महालक्ष्मी किट योजना के लिए 30 करोड़ रुपये, आंचल अमृत योजना के लिए 15 करोड़ रुपये, ईजा-बोई शगुन योजना के लिए करीब 14.13 करोड़ रुपये और मुख्यमंत्री महिला पोषण योजना के लिए लगभग 13.44 करोड़ रुपये निर्धारित किए गए हैं।

आत्मनिर्भर उत्तराखंड की दिशा में पशुपालन आधारित स्वरोजगार योजनाओं के लिए करीब 42.02 करोड़ रुपये, मिशन एप्पल के लिए 42 करोड़ रुपये, ट्राउट प्रोत्साहन योजना के लिए लगभग 39.90 करोड़ रुपये तथा कीवी और ड्रैगन फ्रूट जैसे उच्च मूल्य फलों के उत्पादन को बढ़ावा देने के लिए करीब 30.70 करोड़ रुपये का प्रावधान रखा गया है। साथ ही राज्य डाटा सेंटर सुदृढ़ीकरण के लिए 40 करोड़ रुपये और एआई मिशन के क्रियान्वयन के लिए 25 करोड़ रुपये भी प्रस्तावित किए गए हैं।

आर्थिक मजबूती के लिए प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के तहत 1050 करोड़ रुपये, रिस्पना-बिंदाल एलिवेटेड यूटिलिटी शिफ्टिंग के लिए 350 करोड़ रुपये, एमएसएमई सहायता योजना के लिए 75 करोड़ रुपये और मुख्यमंत्री स्वरोजगार योजना के लिए 60 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। इसके अलावा स्टार्टअप, निवेश प्रोत्साहन और इको-टूरिज्म गतिविधियों के लिए भी बजट में विशेष व्यवस्था की गई है।

वहीं न्यायपूर्ण व्यवस्था और सुरक्षा को मजबूत करने के लिए पुलिस आवास निर्माण हेतु 100 करोड़ रुपये, इंडिया रिजर्व वाहिनी की स्थापना के लिए 10 करोड़ रुपये, स्टेट डिजास्टर रिस्पॉन्स फोर्स के लिए 10 करोड़ रुपये तथा जेल निर्माण और भूमि क्रय के लिए 25 करोड़ रुपये का प्रावधान रखा गया है। इसके अलावा उत्तराखंड न्यायिक एवं विधिक अकादमी के लिए 6.96 करोड़ रुपये और रेप व पॉक्सो एक्ट के लंबित मामलों के निस्तारण के लिए फास्ट ट्रैक विशेष कोर्ट हेतु 3.42 करोड़ रुपये निर्धारित किए गए हैं।

सरकार का कहना है कि ‘संतुलन’ के इन आठ मंत्रों पर आधारित यह बजट राज्य में समावेशी विकास, आर्थिक सशक्तिकरण और मजबूत कानून-व्यवस्था की दिशा में महत्वपूर्ण कदम साबित होगा।

रिपोर्टर – रिया सोलीवाल

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