राष्ट्रीय सेवा योजना विशेष शिविर में प्राथमिक उपचार, घरेलू उपचार एवं योगाभ्यास व योग पर व्याख्यान का किया आयोजन।
भिकियासैंण/अल्मोड़ा। राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय कुणीधार, मानिला की राष्ट्रीय सेवा योजना के तत्वावधान में आयोजित सात दिवसीय विशेष शिविर (14 मार्च से 20 मार्च, 2024) का छठा दिन स्वयंसेवियों के लिए ज्ञानवर्द्धक होने के साथ-साथ घरेलू उपचार एवं स्वस्थ दिनचर्या के बारे में जानने का अवसर प्राप्त हुआ। दिन की शुरुआत कार्यक्रम अधिकारी डॉ. गार्गी लोहनी के निर्देशन में स्वयंसेवियों द्वारा प्रातः वंदना के साथ आरंभ हुआ तत्पश्चात लक्ष्यगीत का गायन किया। इसी सत्र में निशा द्वारा पंचम दिवस के कार्यक्रमों का प्रतिवेदन प्रस्तुत किया गया, निशा हीत बिष्ट ने दैनिक समाचार पत्र की प्रमुख खबरों का वाचन किया एवं डॉ. भावना अग्रवाल के निर्देशन में योगाभ्यास कराया गया।
दिन के दूसरे सत्र में स्वयंसेवियों ने शिविर स्थल से मानिला मंदिर तक स्वच्छता, साक्षरता एवं नशा मुक्ति के प्रति जनजागरुकता हेतु रैली का आयोजन किया गया। तत्पश्चात मानिला मंदिर में स्वच्छता अभियान का संचालन किया गया। स्वच्छता कार्यक्रम के पश्चात मंदिर परिसर में लोक संस्कृति संरक्षण के प्रति जनजागरुकता हेतु लोक नृत्य का आयोजन किया। कार्यक्रम अधिकारी डॉ. गार्गी लोहनी ने कहा लोक संस्कृति हमारी पारंपरिक धरोहर है, जो हमें सामाजिक एवं राष्ट्रीय स्तर पर अलग पहचान दिलाती है। आज विकास एवं आधुनिकता के नाम पर हम अपनी इस पहचान को खोते जा रहे हैं ऐसे में यह अत्यन्त महत्वपूर्ण हो जाता है कि युवा पीढ़ी को अपनी पहचान के महत्व से अवगत कराया जाए।

दिन के तीसरे सत्र का आरंभ भोजन के बाद हुआ जिसमें स्वयंसेवियों को डॉक्टर की संयुक्त टीम के द्वारा प्राथमिक उपचार, घरेलू उपचार एवं योग का स्वस्थ जीवन में उपयोगिता विषय पर जानकारी दी गयी। चिकित्साधिकारी डॉ. नम्रता भट्ट ने प्राथमिक उपचार के रुप में घरेलू उपचार के नुस्खे, फार्मासिस्ट राजेश कुमार ने बीमारी के सामान्य लक्षण एवं उपचार तथा योगा प्रशिक्षक हिमांशु पंत के द्वारा स्वस्थ जीवन शैली में योगा की उपादेयता एवं दैनिक जीवन में सर्वाधिक उपयोगी योग की जानकारी दी।
इस दौरान कार्यक्रम अधिकारी डॉ. गार्गी लोहनी, डॉ. भावना अग्रवाल, डॉ. शैफाली सक्सेना, श्री भूपाल सिंह, महेश बंगारी, विनोद सिंह, दिलीप पाल, देवकी देवी आदि सहित समस्त शिविरार्थी मौजूद रहे। दिन के अंतिम सत्र के दौरान स्वयंसेवियों ने वंदना शर्मा के नेतृत्व में सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किया तथा कार्यक्रम अधिकारी डॉ. गार्गी लोहनी के निर्देशन में समापन समारोह हेतु आवश्यक तैयारियां की गई।



