एम. बी. राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय हल्द्वानी में मनाया गया अंतर्राष्ट्रीय साक्षरता दिवस।
हल्द्वानी (नैनीताल)। अंतर्राष्ट्रीय साक्षरता दिवस के अवसर पर एम. बी. राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय हल्द्वानी में शिक्षा शास्त्र विभाग तथा करियर काउंसलिंग सेल के संयुक्त तत्वाधान में एक भाषण प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ महाविद्यालय के प्राचार्य डॉक्टर एन. एस. बनकोटी, विशिष्ट अतिथि प्रोफेसर डॉ. बी. आर. पंत विभाग अध्यक्षा डॉक्टर सोनी टम्टा द्वारा मां सरस्वती की प्रतिमा के सम्मुख दीप प्रज्वलित कर किया गया।
कार्यक्रम की रुपरेखा प्रस्तुत करते हुए विभाग अध्यक्षा डॉक्टर सोनी टम्टा ने साक्षरता से संबंधित विभिन्न उपविषयों की जानकारी देते हुए विद्यार्थियों का मनोबल बढ़ाया। अंतर्राष्ट्रीय साक्षरता दिवस पर साक्षरता से जुड़े विभिन्न मुद्दों जैसे डिजिटल साक्षरता, 21वीं सदी में डिजिटल साक्षरता, मिस इनफॉरमेशन एज में साक्षरता, सतत विकास लक्ष्य की प्राप्ति में साक्षरता की भूमिका, साक्षरता दर पर कोविड का प्रभाव तथा साक्षरता और महिला सशक्तिकरण पर प्रतिभागियों ने अपने विचार प्रस्तुत किए। विद्यार्थियों ने अपनी प्रतिभाओं का उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुए आंकड़ों एवं तथ्यो के माध्यम से साक्षरता से जुड़े विभिन्न पहलुओं पर प्रासंगिक विचार रखें।

विद्यार्थियों का कहना था कि साक्षरता का कोई लिंग नहीं होता है, हमें यह विचार करना होगा कि सामाजिक विषमता के इस समय में क्या हम वास्तव में साक्षर हैं। भारत में महिला साक्षरता की विषमताएं और सामाजिक परिवर्तन के उपकरण के रुप में साक्षरता की स्थिति आदि बिंदुओं पर अपनी बात रखते हुए विद्यार्थियों ने कार्यक्रम की प्रासंगिकता को सार्थक किया। कार्यक्रम में महाविद्यालय के 39 विद्यार्थियों ने भाग लिया जबकि अनेकानेक छात्र उपस्थित थे।
कार्यक्रम का संचालन डॉक्टर नवल किशोर लोहनी द्वारा किया गया। कार्यक्रम के निर्णायक मंडल में डॉक्टर अनिता जोशी विभाग अध्यक्ष बीएड विभाग, डॉक्टर अनिता जोशी हिंदी विभाग, डॉक्टर अंजु बिष्ट विभाग अध्यक्ष गृह विज्ञान, डॉ. एस. सी. टम्टा विभाग अध्यक्ष इतिहास ने प्रतिभागियों के भाषण का मूल्यांकन किया। प्रतियोगिता में प्रथम स्थान सूरज आर्य, द्वितीय स्थान नेहा जोशी तथा तृतीय स्थान विवेक हरबोला को प्राप्त हुआ। कार्यक्रम को सफल बनाने के लिए शिक्षाशास्त्र विभाग के प्राध्यापक डॉ. रोहित कुमार कांडपाल, डॉ मनीष नरियाल, दिनेश कुमार, डॉ. संजय सुनाल, ममता अधिकारी, गौरवेन्द्र देव आर्य, कंचन भट्ट, स्वाति साहनी, वर्षा चावला, आयुष भारती, रश्मि आर्या, सुमन आदि का विशेष योगदान रहा।



