सोशल मीडिया की लोकप्रियता में संस्कृति पर प्रहार, कुमाऊँ में ज्योति अधिकारी का बहिष्कार।
महिलाओं व लोकपरंपराओं पर टिप्पणी का जवाब — FIR दर्ज।
पिथौरागढ़ और हल्द्वानी को लेकर पूर्व में दिए गए थे विवादित बयान।
हल्द्वानी (नैनीताल)। सोशल मीडिया पर सामने आए कथित आपत्तिजनक बयानों के बाद कुमाऊँ क्षेत्र में गहरा असंतोष फैल गया है। महिलाओं, लोकनृत्यों और धार्मिक आस्थाओं को लेकर की गई टिप्पणियों को समाज ने कुमाऊँ की मर्यादा और नारी सम्मान के विरुद्ध बताया है। इसके विरोध में सामाजिक और सांस्कृतिक संगठनों ने एकजुट होकर नाराज़गी जाहिर की है।
कानूनी कार्रवाई की मांग के बाद दर्ज हुई FIR:
महिलाओं को नाचने वाली कहे जाने और देवी-देवताओं को लेकर की गई टिप्पणियों को गंभीरता से लेते हुए थाना मुखानी में संबंधित महिला ज्योति अधिकारी के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई है। महिला संगठनों का कहना है कि इस प्रकार की भाषा समाज में वैमनस्य फैलाने वाली है और इसे नजरअंदाज नहीं किया जा सकता।
सांस्कृतिक बहिष्कार का ऐलान:
विवाद के बढ़ने के साथ ही कई संगठनों ने ज्योति अधिकारी के सामाजिक और सांस्कृतिक बहिष्कार की घोषणा की है। उनका कहना है कि कुमाऊँ की लोकसंस्कृति, कौतिकों और सामाजिक आयोजनों को बदनाम करने वालों के लिए यहां कोई स्थान नहीं है। समाज ने स्पष्ट किया है कि संस्कृति और महिलाओं के सम्मान से कोई समझौता नहीं किया जाएगा।
पुराने बयानों को लेकर भी उठे सवाल:
समाज का आरोप है कि इससे पूर्व भी पिथौरागढ़ और हल्द्वानी को लेकर भड़काऊ टिप्पणियां की जा चुकी हैं, जिन्हें लेकर उस समय भी नाराज़गी देखी गई थी। अब एक बार फिर ऐसे बयानों के सामने आने से विरोध और तेज हो गया है।
रिपोर्टर- रिया सोलीवाल










