हाईकोर्ट का सख़्त रुख: ज्योति अधिकारी को आपत्तिजनक पोस्ट तत्काल हटाने के आदेश।
धार्मिक भावनाएँ आहत करने वाले मामलों पर सुनवाई, पाँच केसों में गिरफ्तारी से राहत, भविष्य को लेकर कड़ा अल्टीमेटम।
नैनीताल। उच्च न्यायालय, नैनीताल ने चर्चित ब्लॉगर ज्योति अधिकारी से जुड़े कुल सात आपराधिक मामलों में से पाँच मामलों पर सुनवाई की। सुनवाई के दौरान न्यायालय ने धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुँचाने वाली सभी पोस्टों को तत्काल हटाने के निर्देश जारी किए।
कोर्ट ने स्पष्ट रुप से निर्देशित किया कि सोशल मीडिया पर देवी-देवताओं तथा पहाड़ की महिलाओं से संबंधित आपत्तिजनक पोस्ट और वीडियो तुरंत हटाए जाएँ, ताकि किसी भी वर्ग की भावनाएँ आहत न हों। न्यायालय ने यह भी टिप्पणी की कि सोशल मीडिया पर अभिव्यक्ति के दौरान भाषा की मर्यादा बनाए रखना अनिवार्य है।
हाईकोर्ट ने ज्योति अधिकारी को भविष्य में किसी भी प्रकार की आपत्तिजनक, भड़काऊ या धार्मिक-सामाजिक भावनाओं को आहत करने वाली सामग्री सोशल मीडिया पर प्रसारित न करने के सख़्त निर्देश जारी किए हैं।
आरोपों के अनुसार, ज्योति अधिकारी के कथनों से धार्मिक भावनाएँ आहत हुई तथा पहाड़ की महिलाओं के प्रति अपमानजनक शब्दों का प्रयोग किया गया। इन घटनाओं के बाद हल्द्वानी सहित विभिन्न स्थानों पर कुल सात मुकदमे दर्ज किए गए।
इन मामलों में से दो मामलों में ज्योति अधिकारी जेल जा चुकी हैं और लगभग छह दिन की न्यायिक हिरासत भी काट चुकी हैं। शेष पाँच मामलों में उच्च न्यायालय ने फिलहाल गिरफ्तारी से अंतरिम राहत प्रदान की है।
सुनवाई के दौरान सरकार की ओर से दलील दी गई कि आपत्तिजनक बयान सोशल मीडिया पर फॉलोअर्स बढ़ाने के उद्देश्य से दिए गए, जिससे समाज के एक वर्ग की भावनाएँ आहत हुई।



