लिव इन रिलेशन पहाड़ी हिन्दू संस्कृति के खिलाफ, पहाड़ को एक और आंदोलन की जरुरत – पूर्व सीएम हरीश रावत।
भिकियासैंण। पहाड़ी आर्मी की पहाड़ी हिन्दू सशक्तिकरण अभियान यात्रा मासी पहुंचने पर भूमिया मंदिर चौराहे पर नुक्कड़ सभा की गई। सभा में पहाड़ी आर्मी के संस्थापक अध्यक्ष पूर्व सीएम हरीश रावत ने कहा, 25 वर्षों में रणनीतिक पार्टियों ने प्रदेश को गर्त में धकेल दिया, मूलभूत समस्याओं में काम करने के बजाय प्रदेश में ऊलजुलूल कानून थोपे जा रहे है। उन्होंने कहा पहाड़ विरोधी लोग सजग रहें, अब पहाड़ का व्यक्ति बाहरियों का अतिक्रमण बिल्कुल सहन नहीं करेगा, प्रदेश में जो बाहरी लोगों की दादागिरी गुंडागर्दी कर रहे है, उनका मुँह तोड़ जवाब दिया जाएगा, अब राजनीति, सामाजिक, आर्थिक क्षेत्रों में बाहरियों के कब्जे छुड़ाने का समय है। राज्य एक बड़ा आंदोलन और मांग रहा है, राज्यवासी तैयार रहे।
उन्होंने कहा पहाड़ी आर्मी सशक्त भू कानून, मूल निवास, गौमाता को राज्य माता का दर्जा देने, पहाड़ की भाषा और त्योहारों को सरकारी मान्यता देने की मांग की है। कहा कि नदियों, जंगल और पर्यावरण का अवैध दोहन रोकने, नशे से पहाड़ को बचाने, यूसीसी, लिव इन रिलेशन को कानूनी मान्यता देकर पहाड़ी हिंदू संस्कृति को तहस-नहस करने का कानून है, जिसका हम विरोध करते है। उन्होंने कहा कि बाहरी क्षेत्र के लोगों को प्रदेश में सरकारी योजनाओं का लाभ देकर पहाड़ी हिंदूओं की नौकरी, भूमि संसाधन आदि छीने जा रहे हैं।
उन्होंने कहा सदन में वित्तमंत्री प्रेम चंद्र अग्रवाल द्वारा जिस अभद्र भाषा में पहाड़ी समाज को गाली दी, वह हम पहाड़ियों के लिए असहनीय है, जिसके लिए माफी नाकाफी है। उहोंने सख्त लहजे में कहा, हम इन बाहरी लोगों को बता देना चाहते है, या तो यह लोग प्रेम से हमारी संस्कृति के साथ रहे, या प्रेम से राज्य छोड़ दें, यदि हमारे संसाधनों को, अस्मिता को छेड़ोगे, गलत नजर डालोगे तो फिर हम छोड़ेंगे नहीं, यह देवभूमि वीर भूमि भी है।
संयोजक विनोद शाही ने बताया कि कल चंपावत से इस पहाड़ बचाओ की शुरुआत हुई जो पिथौरागढ़, बागेश्वर अल्मोड़ा होते हुए सांस्कृतिक नगरी चौखुटिया पहुंची। यह यात्रा का मुख्य उद्देश्य पहाड़ी हिन्दूओं को सशक्त करना है, संस्कृति से, संसाधनों से और रोजगार से। हमारी यह यात्रा पूरे प्रदेश में चलेगी जिसका कुमाऊँ में प्रथम चरण का समापन 9 मार्च को हल्द्वानी में होगा। दूसरे चरण की यात्रा गढ़वाल में होगी जिसमें जिला मुख्यालय और सभी चौक चौराहों पर नुक्कड़ सभा की जाएगी और लोगों को अपने सांस्कृतिक और सभ्यता के लिए जागरुक करेंगे। सभा को संबोधित करते हुए राज्य आंदोलनकारी गजेन्द्र सिंह नेगी, जीवन नेगी और हरीश नेगी ने कहा कि आज राज्य बचाने के लिए इस आंदोलन की अति आवश्यकता हो गई है।
भूमिया मंदिर चौराहे पर जोरदार नारेबाजी कर वित्त मंत्री प्रेमचंद्र अग्रवाल, ऋतुखंडुरी, महेंद्र भट्ट का पुतला फूंका गया, जूते मार कर पहाड़ विरोधी मानसिकता का बहिष्कार किया गया। जिला उपाध्यक्ष कांता रावत और गोपाल सिंह मासीवाल ने कहा जो पहाड़ विरोधी होगा उसका हस्र बुरा करेंगे। इस दौरान नरेंद्र भंडारी, गोपाल मासीवाल, जिला पंचायत उपाध्यक्ष कांता रावत, हरी सिंह भंडारी, भीम सिंह, पूरन सिंह, लीलाधर मासीवाल, शिव दत्त जुयाल, राम सिंह बंगारी, नवीन चंद्र, देव, अरविंद बिष्ट, शिव कुमार, गजेन्द्र नेगी, सुमित शाह, हरीश नेगी, मोहन कांडपाल, भूपेंद्र जोशी, संजय गोस्वामी, प्रकाश पांडेय, राहुल कुमार, भगवंत सिंह राणा, गौरव गोस्वामी, विनोद नेगी, गिरीश नाथ गोस्वामी आदि मौजूद रहे।
रिपोर्टर- एस. आर. चन्द्रा भिकियासैंण






